सोमवार को प्रेरणा बाल सेवा संस्थान ने सिहानी गेट पुलिस की मदद से बालक (10) को एक सर्राफ की कोठी से मुक्त कराया। बच्चा होली चाइल्ड स्कूल के पास नेहरूनगर थर्ड सी-96 में रह रहा था।
प्रेरणा बाल सेवा संस्थान के ट्रस्टी तरुण का कहना है कि ये चाइल्ड लेबर का मामला है। इस संबंध में सिहानी गेट कोतवाली में तहरीर दी गई है।
इस बच्चे की सूचना रविवार को कविनगर ए-33 से बरामद किए गए 8 साल केबच्चे ने एनजीओ को दी थी। उसने बताया था कि उसके साथ ही अरविंद नाम का एजेंट दो और बच्चों को लेकर नेहरूनगर आया था।
बरामद बच्चा मुरादाबाद के काशीपुरा का रहने वाला है। उसका कहना है कि वह कोठी में खुश था। वह अपने घर नहीं जाना चाहता, वहां खेतों में काम करना पड़ता था।
उसे उसके चाचा यहां छोड़ गए थे। घर में वह परिवार के छोटे बच्चों की देखरेख करता था। स्कूल नहीं जाता था, मगर ट्यूशन पढ़ने जाता था।
सीओ द्वितीय रणविजय सिंह ने बताया कि चाइल्ड लेबर के तहत रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। बच्चे को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर उसे एनजीओ केसुपुर्द कर दिया गया है।
उसके परिजनों को बुलाया गया है। श्रम विभाग केपदाधिकारियों को इससे अवगत करा दिया गया है। श्रम विभाग के इंस्पेक्टर लालता प्रसाद ने बताया कि विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दूसरी तरफ, सर्राफ ने चाइल्ड लेबर के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
उद्यमी की तलाश में दबिश, नहीं मिला
मानव तस्करी के मामले में आरोपी उद्यमी एके सूद और उसकी फैमिली की तलाश में पुलिस ने सोमवार को दबिश दी, मगर कोई हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस का दावा है कि कोठी अंदर से बंद है, उसमें सिर्फ चौकीदार है।
उद्यमी का मोबाइल स्विच ऑफ है। पुलिस की दो टीमें सुरागकशी में लगी है। इसकेअलावा सोमवार को सिहानी गेट थाने में दर्ज इस केस को कविनगर थाने की पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है।
बरामद बच्चों में तीन को आशादीप फाउंडेंशन के सुपुर्द किया गया है, चूंकि उनकी उम्र 10 साल से ज्यादा है। जबकि आठ साल का बालक प्रेरणा बाल सेवा संस्थान के पास है।
संस्थान के ट्रस्टी तरुण ने बताया कि बच्चों के सोमवार को 164 के बयान होने थे, मगर नहीं हो सके। मंगलवार को बयान हो सकते हैं।
बता दें कि कविनगर ए-33 से रविवार को चार बच्चों को मुक्त कराया गया था। बच्चों ने कई सनसनीखेज आरोप उद्यमी फैमिली पर लगाए थे। बच्चों का आरोप था कि उन्हें प्रताड़ित किया जाता था।
मालिक-मालकिन उनसे मसाज कराते थे। विरोध पर मारपीट और हाथों पर गर्म तेल डाला जाता था। भागने की कोशिश पर कुत्तों से कटवाने की धमकी दी जाती थी।
मोदीनगर के एनजीओ जन कल्याण विकास शिक्षण समिति के महासचिव अरुण कुमार ने सिहानी गेट कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उद्यमी एके सूद, उनकी पत्नी, बेटे और बेटी को नामजद किया गया था।
इन पर उत्पीड़न, बंधक बनाकर रखने और पोक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। ये बच्चे अरविंद नाम के एजेंट के माध्यम से यहां आए थे।