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Delhi NCR News: डॉक्टरों-नर्सों की ममता से 900 ग्राम का शिवा 2 किलोग्राम का हुआ

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लावारिस मिले बच्चे के लिए चाइल्ड पीजीआई की डॉक्टरों और नर्सों ने निभाई मां की भूमिका
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-आगरा से गंभीर हालत में लाया गया था, दो महीने इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ ,सीडब्ल्यूसी को दी सूचना
वान्या दीक्षित

नोएडा। जिंदगी की शुरुआत ही मुश्किलों से हुई, लेकिन चाइल्ड पीजीआई के डॉक्टरों और नर्सों की ममता ने लावारिस मिले एक नवजात को नई जिंदगी दे दी। आगरा मेडिकल कॉलेज से बेहद गंभीर हालत में चाइल्ड पीजीआई लाया गया महज 900 ग्राम का शिवा अब स्वस्थ होकर दो किलोग्राम का हो चुका है। करीब दो महीने तक चले इलाज और देखभाल के बाद वह खतरे से बाहर है।
शिवा करीब 15 दिन की उम्र में अस्पताल पहुंचा था। वह गंभीर संक्रमण और सांस लेने में परेशानी से जूझ रहा था। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि उसके साथ परिवार का कोई सदस्य नहीं था। ऐसे में नियोनेटोलॉजी विभाग के डॉक्टरों और एनआईसीयू की नर्सों ने इलाज के साथ उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी अपने ऊपर ले ली। लगातार निगरानी, समय पर पोषण और स्नेहपूर्ण देखभाल से उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हुआ।
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प्यार से नाम रखा शिवा
नियोनेटोलॉजी की विभागाध्यक्ष डॉ. रुचि राय बताती हैं कि बच्चे की पहचान में आसानी हो इसलिए उसका नाम शिवा रखा गया है। उसके इलाज, दवाओं और जांच समेत एनआईसीयू की पूरी सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई गई।
लावारिस मिले 12 नवजातों का निशुल्क इलाज
अब शिवा के स्वस्थ होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने उसके संरक्षण के लिए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को सूचना दे दी है। विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे बाल गृह भेजा जाएगा, जहां से नियमानुसार गोद दिए जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। चाइल्ड पीजीआई के अनुसार, लावारिस मिले 12 नवजातों को निशुल्क इलाज देकर संस्थान अब तक स्वस्थ कर चुका है।
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आज उसे स्वस्थ देखकर बड़ा सुकून मिल रहा
शिवा जब हमारे पास आया था, तब उसकी हालत बेहद नाजुक थी। परिवार का कोई सदस्य साथ नहीं था, इसलिए हम सबने उसकी देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने 24 घंटे उसकी निगरानी की और उसे मां की तरह स्नेह दिया। आज उसे स्वस्थ देखकर पूरी टीम को बहुत सुकून मिल रहा है।
-डॉ. रुचि राय, विभागाध्यक्ष नियोनेटोलॉजी, चाइल्ड पीजीआई
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