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एनसीआर में थमेंगे पांच लाख वाहनों के पहिए

Wed, 30 Sep 2015 10:48 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने बृहस्पतिवार से देशभर में मालवाहक वाहनों का संचालन ठप करने की घोषणा की है। यूनियन पदाधिकारी एनजीटी के 10 साल पुराने वाहनों को हटाने और टोल टैक्स का विरोध कर रहे हैं।
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हड़ताल से एनसीआर में पांच लाख से ज्यादा वाहनों का संचालन ठप हो जाएगा। शुरुआत में ट्रांसपोर्टरों ने दूध, सब्जी और दवाइयों के वाहनों को हड़ताल से अलग रखने का निर्णय लिया है।

यदि मांगों को तत्काल नहीं माना जाता है तो सभी वाहनों का चक्काजाम करने के साथ ही ट्रांसपोर्टरों ने सामूहिक आत्मदाह करने की चेतावनी की है।

एनजीटी के 10 साल पुराने वाहनों को संचालन से बाहर करने और परिवहन विभाग के टोल टैक्स वसूली के विरोध में ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने मोर्चा खोल दिया है।

इसके विरोध में ट्रांसपोर्ट यूनियन एक अक्तूबर से चक्काजाम करेंगी। देशभर में मालवाहक वाहनों का चक्काजाम करने का एलान किया गया है। बुधवार दोपहर ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी के साथ हुई समझौता वार्ता विफल हो गई।
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ट्रांसपोर्ट यूनियन पदाधिकारियों ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि संभाग के 10 साल पुराने करीब एक लाख वाहनों का संचालन परिवहन विभाग ने रोक दिया है। इनको परमिट नहीं दिए गए हैं।

प्रदेश के अन्य जनपदों के 10 साल पुराने वाहन एनसीआर में दौड़ रहे हैं। इनको नहीं रोका जा रहा है। परिवहन विभाग वाहनों से रोड टैक्स और सेस लेने के साथ ही टोल टैक्स भी वसूल रहा है, यह अवैध है।

ट्रांसपोर्टर्स से टीडीएस भी वसूला जा रहा है। इसके विरोध में एनसीआर के करीब पांच लाख कामर्शियल वाहनों के पहिये बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए थम जाएंगे। दूध, दवाई, रसोई गैस और सब्जी के वाहनों को हड़ताल से बाहर रखा गया है।

यदि जल्द सुनवाई नहीं होती है तो इन वाहनों का संचालन भी ठप कर दिया जाएगा। यूनियन के अध्यक्ष कमलेश शर्मा उर्फ कम्मो ने साथियों के साथ सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी है।


ट्रांसपोर्टर इंद्रजीत सिंह टीटू ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में ट्रांसपोर्टर्स की समस्या का समाधान कराने की मांग की है। इस मौके पर ट्रांसपोर्टर अजय पाठक, सतीश तनेजा, सौरभ मित्तल, आशीष मैत्रेय, विपिन सिंघल, सौरभ मित्तल, विवेक गुप्ता और बीएन कपरवाल आदि मौजूद रहे।

ट्रांसपोर्ट यूनियनों की हड़ताल से बिगड़ जाएगा बाजार का हाल
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर लोहा और परचून कारोबार पर पड़ेगा। शहर से मसालों, लोहा, मशीनरी पार्ट्स और कपड़े-बर्तनों का बड़े स्तर पर कारोबार होता है।

शहर से ट्रक इस सामान को लेकर देश के ज्यादातर हिस्सों में जाते हैं और वहां से गाजियाबाद आते हैं। हड़ताल से शहर का बाजार और कारोबार ठप हो जाएगा।

नहीं खुलेगी हड़ताल
यूनियन के अध्यक्ष कमलेश कुमार कम्मो ने बताया कि यदि आल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल खत्म भी हो जाती है तो एनसीआर में यह जारी रहेगी। एनजीटी के 10 साल पुराने वाहनों पर तत्काल निर्णय देने की मांग को लेकर यहां की यूनियन हड़ताल पर रहेंगी।

30 लाख परिवार होंगे प्रभावित
मालवाहक वाहनों की हड़ताल से ड्राइवर, कंडक्टर और हेल्पर आदि के करीब 30 लाख परिवारों के सामने जीवनयापन का संकट पैदा हो जाएगा। यह ऐसा वर्ग है जोकि ट्रक-टेंपो से रोजाना होने वाली आमदनी से जीवनयापन करता है।
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