1965 में अधिग्रहित जमीन का सीपीडब्ल्यूडी से मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर 154 दिन से धरने पर बैठे किसानों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा।
दोपहर 12 बजे किसानों ने पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बावजूद हापुड़ चुंगी चौराहे पर जाम लगा दिया। करीब 45 मिनट तक चौराहा किसानों के कब्जे में रहा। इस दौरान चारों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
जाम खुलवाने को लेकर पुलिस और किसानों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। किसानों के तेवर देख ट्रैफिक पुलिस ने कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्ट कर वाहनों का निकाला।
हंगामे की सूचना पर पहुंचे एसीएम नितिन मदान और सीओ द्वितीय विजय यादव को किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन दिया। इसी के बाद किसान वहां से हटे। आंदोलन के कारण करीब दो घंटों तक हापुड़ चौराहे पर ट्रैफिक बाधित रहा।
पूर्व घोषणा के अनुसार किसान दोपहर करीब 12 बजे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से हापुड़ चुंगी पहुंचे। हापुड़ चुंगी चौक पर किसानों ने चारों और ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी करके ट्रैफिक रोक दिया।
किसान बीच चौराहे पर खडे़ होकर नारेबाजी करने लगे। इससे गाजियाबाद, एनएच-24, एएलटी मेरठ रोड, कविनगर की ओर से आना वाला ट्रैफिक थम गया। 12:45 बजे तक किसानों ने जाम लगाए रखा।
किसानों के हटने के बाद भी पुलिस को करीब सवा घंटे तक यातायात सुचारु करने में परेशान रही। भारतीय किसान यूनियन के मेरठ मंडल अध्यक्ष राजवीर सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से मुकदमा जीतने के बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा है।
सीपीडब्ल्यूडी के वकील बार-बार कोई न कोई मुद्दा बनाकर कोर्ट में अपील डाल देते हैं। इससे समय बर्बाद हो रहा है। अभी हाईकोर्ट में मामला चल रहा है। प्रधानमंत्री से जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। राजवीर सिंह, सतवीर चौधरी, अजय चौधरी ने कहा कि सरकार कोई सुनवाई नहीं करेगी तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
महिलाओं ने कब्जाई एक्सईएन की कुर्सी
हापुड़ चुंगी के बाद किसानों के हुजूम ने कमला नेहरू नगर स्थित बिजलीघर पर धावा बोल दिया। महिलाओं ने एक्सईएन की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। किसानों का हुजूम देख अधिकारी दफ्तर छोड़कर भाग खड़े हुए।
किसानों का आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारी लेट पेमेंट के नाम पर अवैध उगाही कर रहे है। बिल जमा कराने में देरी होने पर कर्मचारी प्रति किसान 300 रुपये की अवैध उगाही करते हैं।
करीब सवा घंटे तक किसान बिजलीघर में हंगामा करते रहे। बिजली बिल जमा करने आए लोग भी किसानों के समर्थन उतर आए। बाद में एक्सईएन मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया।
उन्होंने बृहस्पतिवार को बिजलीघर पर किसानों की बैठक बुलाई है। किसान नेता सतवीर चौधरी ने बताया कि बिल जमा करने के लिए कई घंटों लाइन में लगना पड़ता है।
उन्होंने कमला नेहरू नगर बिजलीघर में अतिरिक्त काउंटर खोलने के साथ हरसांव तथा रजापुर गांव के लोगों के बिल जमा करने के लिए शास्त्रीनगर में काउंटर खोलने की मांग की।
डायवर्जन
हापुड़ मोड़ से हापुड़ चुंगी की ओर आने वाले वाहन चालक जीटी रोड के रास्ते चौधरी मोड़ होते हुए लालकुआं भेजे गए। एनएच-24 से डायमंड फ्लाईओवर की ओर आने वाले भारी वाहनों को एनएच-24 से सीधे लालकुआं भेजा गया।
मेरठ रोड से एएलटी आने वाले भारी वाहनों को घूकना मोड़ के रास्ते पुराना बस अड्डा होते हुए लालकुआं भेजा गया। गोविंदपुरम से हापुड़ चुंगी की ओर आने वाले हल्के वाहनों को कमला नेहरू नगर, शास्त्रीनगर से भेजा गया।
शहर हो गया जाम
रूट डायवर्जन की वजह से एनएच-24, मेरठ रोड, जीटी रोड, अंबेडकर रोड पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। इससे कई स्थानों पर जाम लग गया। अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को विभिन्न चौराहों पर तैनात कर जाम खुलवाया गया। किसानों का प्रदर्शन खत्म होने के करीब डेढ़ घंटे बाद यातायात सामान्य हुआ।
इन लोगों को हुई परेशानी
जाम की वजह से एनएच-24 से हापुड़ चुंगी होकर मेरठ की ओर जाने वाले वाहन चालक जाम से जूझते रहे। मेरठ रोड से हापुड़ चुंगी होते हुए एनएच-24 की ओर जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी हुई।
उधर, गोविंदपुरम से कलक्ट्रेट की ओर आने वाले वाहन चालकों को लंबी दूरी तय करनी पड़ी। हल्के वाहनों को सर्विस रोड से होकर निकाला गया। हापुड़ मोड़ से गोविंदपुरम की ओर जाने वाले वाहन चालक भी जाम से जूझते नजर आए।