पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के करीब मौजूद आतंकियों को उनके आकाओं ने कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों से घुसपैठ कर कश्मीर घाटी पहुंचने के नए निर्देश जारी किए हैं। इससे जिले के बालाकोट क्षेत्र में आने वाले दिनों में आतंकी घुसपैठ की कोशिशें हो सकती हैं। नियंत्रण रेखा पर मनकोट, करमाड़ा और माल्टी सेक्टर कम ऊंचाई वाले क्षेत्र हैं।
हालांकि नियंत्रण रेखा पर तैनात सेना भी पूरी तरह चौकस है और लगातार आतंकियों के घुसपैठ के मंसूबों को नाकाम बना रही है। सूत्रों के अनुसार जम्मू-कश्मीर विशेष कर कश्मीर घाटी और पुंछ जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते घुसपैठ के सभी रास्ते बंद हो जाने के बाद आतंकी सरगनाओं ने नए आदेश जारी किए हैं।
सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले पाकिस्तान अधिकृत मुजफ्फराबाद के खड़ी क्षेत्र में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने बैठक की थी, जिसमें घुसपैठ बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक में हिजबुल मुजाहिदीन के मरकजी/केंद्रीय कमांडर नसीर उल दीन की अध्यक्षता में क्षेत्रीय कमांडर, लांचिंग पैड कमांडर और गाइड शामिल हुए। इसमें कश्मीर के ऊंचाई वाले घुसपैठ के रास्तों पर भारी बर्फबारी होने और कश्मीर में लगातार आतंकियों के मारे जाने पर चर्चा के साथ आतंकियों को निचले क्षेत्रों से घुसपैठ कराने का निर्णय लिया गया।
ट्रेनिंग कैंपों से आतंकियों को अधिक से अधिक संख्या में सतपाल टाप, निखयाल और बालाकोट पहुंचाने के क्षेत्रीय कमांडरों को निर्देश दिए गए। आतंकियों को पाकिस्तान के कब्जे वाले बालाकोट क्षेत्र स्थित लांचिंग पैड्स पर पहुंचाने और वहां से उन्हें पुंछ और राजोरी जिले में घुसपैठ कराने का फैसला किया गया। साथ ही घुसपैठ को सुनिश्चित बनाने के लिए मौलाना सुलतान मलिक को बालाकोट क्षेत्र का लांचिग कमांडर बनाया गया। इस बैठक में गाइडों को कहा गया कि आतंकियों को चार से छह के दलों में सुरक्षित घुसपैठ कराई जाए।
बढ़ सकती है एलओसी पर गोलाबारी
इस बैठक के बाद अब आने वाले दिनों में जिले में बालाकोट सेक्टर में गोलाबारी और घुसपैठ की घटनाएं बढ़ सकती हैं क्योंकि बालकोट नियंत्रण रेखा का ऐसा क्षेत्र है जहां से आतंकी पुंछ जिले के साथ ही राजोरी जिले में घुसपैठ करने के बाद कश्मीर घाटी तक पहुंच सकते हैं।