जुनैद नेपाल में रहकर भारत में आईएम और सिमी को फिर से खड़ा करना चहाता था। इसके लिए नेपाल से भारत आता-जाता रहता था।
स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाहा के अनुसार फरार आतंकियों द्वारा नेपाल में ठिकाना बनाकर भारत में फिर से आईएम और सिमी को खड़ा करने की कोशिशों के बारे में लगातार सूचनाएं मिल रही थीं।
स्पेशल सेल ने इस साल 22 जनवरी को भारत का ओसामा बिन लादेन कहे जाने वाले आतंकी अब्दुल सुभान उर्फ तौकीर को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में पता चला कि आतंकी आरिज अपने साथी से मिलने भारत-नेपाल सीमा के पास बनबासा आएगा।
दिल्ली सीरियल धमाकों का आरोपी
एसीपी गोविंद शर्मा, इंस्पेक्टर चंद्रिका प्रसाद, अमूल्य त्यागी, रविंद्र जोशी व सतीश राणा की टीम ने घेराबंदी कर बनबासा के नेपाल रोड स्थित शारदा इंटर कालेज से जुनैद को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
वह वर्ष 2008 के दिल्ली के सीरियल ब्लास्ट का चीफ ऑपरेटर था और ग्रेटर कैलाश के एम-ब्लाक में उसने खुद बम रखा था। बम में इस्तेमाल होने वाली बैटरी और घड़ी जैसे सामान को इसने लाजपत राय मार्केट से खरीदा था।
इसके अलावा वर्ष 2008 में जयपुर और अहमदाबाद के ब्लास्ट समेत उत्तर प्रदेश के वाराणसी एवं अन्य शहरों में हुए धमाकों में उसकी अहम भूमिका थी। बटला हाउस एनकाउंटर के बाद वह एक महीने भारत में रहा और फिर नेपाल भाग गया।
वहां वह तौकीर के साथ रहा और उसी स्कूल में अंग्रेजी पढ़ाने लगा, जिसमें तौकीर पढ़ाता था। इसके बाद दोनों सऊदी अरब चले गए। वर्ष 2017 में दोनों भारत लौटे थे और आईएम एवं सिमी को फिर से खड़ा करना चाहते थे। इसके लिए वे बेरोजगार युवाओं के संपर्क में थे।
एनआईए की चार्जशीट में नाम
एनआईए ने 2012 में देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में जुनैद, यासीन भटकल और रियाज भटकल समेत 11 लोगों पर केस दर्ज किया था और इस संबंध में सितंबर, 2014 में स्पेशल कोर्ट में दायर चार्जशीट में जुनैद का भी नाम शामिल है।
बटला हाउस एनकाउंटर
19 सितंबर, 2008 को दिल्ली के जामिया नगर के बटला हाउस में इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकवादी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी को गिरफ्तार किया गया था जबकि दो फरार होने में कामयाब रहे थे। उनमें आरिज खान उर्फ जुनैद भी शामिल था। इस मुठभेड़ के दौरान दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे।