उधर, इस मामले में अस्पताल का पक्ष जानने के लिए चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय के निदेशक डॉ. अनूप मोहता से बात की गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल में कभी भी बच्चे को दाखिल करने से मना नहीं किया जाता। लेकिन, परिजन अस्पताल आते ही नर्सरी की मांग करते हैं जो तत्काल देना संभव नहीं है।
नर्सरी पहले से ही भरी होती है। लोगों की काफी वेटिंग होती है। तुरंत नर्सरी मुहैया कराना संभव नहीं होता है। परिजनों को कहा गया था कि वह बच्चे को सामान्य वार्ड में भर्ती कर लेंगे और जैसे ही नर्सरी में कोई जगह खाली होगी, वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा।
परिजन नहीं माने और बच्चे को लेकर चले गए। वहीं, जब कलावती अस्पताल के निदेशक से बात की गई तो उनके ऑफिस कर्मी ने कहा कि अभी बात नहीं हो सकती।