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आतंकी और ISI एजेंट्स 1990 से ही आते थे रशीद के घर

Wed, 02 Dec 2015 09:45 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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1990 के दौर में जब आतंकवाद जम्मू कश्मीर में चरम पर था, उसी समय से दोनों आईएसआई एजेंट आतंकियों के संपर्क में थे। आतंकी आईएसआई के एजेंट कफायतुल्ला खान और अब्दुल रशीद के घर आकर रुकते थे।
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आरोपियों का कहना है कि यह जानकारी उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को दी थी, मगर वे इस बात पर विश्वास नहीं कर रहे हैं। उधर, पुलिस के अनुसार आईएसआई का हैंडलर पाकिस्तान के पेशावर में बैठा हुआ है।

हालांकि ,वह अपनी लोकेशन बदलता रहता है। अपराध शाखा के अधिकारियों ने बताया कि कफायतुल्ला और अब्दुल रशीद राजौरी जिला, मंजाकोर्ट थाना इलाकेके कलाल गांव के रहने वाले हैं।
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कफायतुल्ला के घर पर आतंकी ज्यादा आते थे

वर्ष 1990 से 95 में जब जम्मू कश्मीर में आतंकवाद चरम पर था, उस समय आतंकी बॉर्डर पार कर कलाल गांव में आते थे। इन दोनों के घरों में रात को रुकते थे और खाना भी खाते थे।

फिर आतंकी घटना को अंजाम देकर चले जाते थे। 1995 के बाद जब राजौरी बॉर्डर पर लोहे की बार्ड लग गई, तब आतंकियों को आना कम हुआ।

कफायतुल्ला के घर पर आतंकी ज्यादा आते थे और रुकते थे, क्योंकि वह संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता था।
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वह किसी के भी वाईफाई को हैक कर सकता है

पुलिस अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि इन दोनों का आतंकी कनेक्शन क्या है। दूसरी तरफ,दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों का हैंडलर पाकिस्तान के पेशावर में बैठा हुआ है।

वह कुछ समय में अपनी लोकेशन बदल लेता है। वह पाकिस्तान में भारत व पाकिस्तान सहित अन्य देशों के कई मोबाइल का प्रयोग कर रहा है। हैंडलर अपने मोबाइल पर वाट्सऐप चलाने के लिए पाकिस्तान में वाई-फाई का प्रयोग करता है।

वह किसी के भी वाईफाई को हैक कर ऐसा कर रहा है।
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