बता दें कि देशभर में किसी भी राज्य के छात्र किसी भी विषय में 62.28 फीसदी से अधिक अंक हासिल नहीं कर पाए हैं। मैथ्मेटिक्स में 40.94 फीसदी, साइंस में 41.2 फीसदी, सोशल साइंस में 46.08फीसदी, इंग्लिश में 54.46 फीसदी है।
| राज्य |
गणित |
साइंस |
सोशल साइंस |
इंग्लिश |
माडर्न इंडिया लैंग्वेज (फीसदी) |
| हिमाचल |
29.78 |
30.94 |
37.78 |
32.36 |
52.57 |
| उत्तराखंड |
35.01 |
33.56 |
41.56 |
32.92 |
52.33 |
| जम्मू कश्मीर |
28.36 |
30.73 |
33.38 |
34.42 |
34.25 |
| चंडीगढ़ |
36.24 |
38.08 |
42.38 |
39.83 |
57.11 |
| पंजाब |
33.26 |
35.06 |
37.96 |
36.88 |
55.73 |
| हरियाणा |
31.63 |
31.53 |
38.03 |
31.71 |
51.87 |
नेशनल अचीवमेंट सर्वे रिपोर्ट काफी चौंकाने वाली है। इसीलिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सांसदों को तीसरी, पांचवीं, आठवीं के साथ दसवीं कक्षा की सर्वे रिपोर्ट भेजी जा रही है, ताकि वे अपने राज्य या इलाके की स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करें।
परीक्षा के माध्यम से जारी सर्वे का मुख्य उदेश्य स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और लर्निंग आउटकम को जानना था, ताकि कमियों को दूर किया जा सके। स्कूलों को भी मैथ्मेटिक्स, साइंस, सोशल साइंस, इंग्लिश व भाषा पर खास ध्यान देने को कहा गया है।
-प्रकाश जावडेकर, मानव संसाधन विकास मंत्री, केंद्र सरकार