चुनावी रंजिश में दुकानदार पंकज शर्मा को गोली मार कर घायल करने के आरोपी एनआईटी से विधायक नगेंद्र भड़ाना के चाचा व पूर्व पार्षद महेश मणि सहित चार लोगों को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र प्रसाद की अदालत ने दोषी करार देते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने इन पर 10 से 22 हजार रुपये तक जुर्माना भी लगाया है।
पीड़ित पंकज शर्मा के भाई देशराज ने बताया कि 2014 में विधानसभा चुनाव के बाद 24 नवंबर को पंकज डबुआ कॉलोनी स्थित अपनी दुकान पर बैठा था। आरोप है कि शाम को गांव नवादा निवासी नितिन भड़ाना, अरुण उर्फ मटरू और नरेश वहां पहुंचे और बिना वजह पंकज के साथ कहासुनी करने लगे।
इससे पहले की पंकज को कुछ समझ में आता, उन्होंने उस पर गोली चला दी, जिसमें पंकज घायल हो गया। थाना सारन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान तीनों ने पंकज को गोली मारने के लिए पूर्व पार्षद महेश मणि को साजिश रचने का आरोप लगाया था।
इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. वीरेंद्र प्रसाद की अदालत में चल रही थी। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार को अदालत ने सबूतों के आधार पर महेश मणि, नितिन भड़ाना, अरुण और नरेश को दोषी करार दिया था। इस मामले में शनिवार को अदालत ने चारों दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई।