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जेएनयू में यौन उत्पीड़न: प्रोफेसर पर 10 छात्र-छात्राओं ने लगाए आरोप, बोलीं- मीटिंग के बहाने घर पर बुलाते थे

Sun, 06 Sep 2026 06:17 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

छात्रों का मुख्य आरोप है कि प्रोफेसर उन्हें अक्सर किसी मुलाकात या सभा (मीटिंग) के बहाने कैंपस में ही स्थित अपने सरकारी आवास पर बुलाते थे। आरोप है कि यहां वे छात्रों के साथ यौन दुर्व्यवहार करने की कोशिश करते थे।
 
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जेएनयू में प्रोफेसर पर दस छात्रों ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप - फोटो : अमर उजाला/AI
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विस्तार
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राजधानी दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में है। विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर पर कई छात्र-छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। इस मामले के सामने आने के बाद से ही पूरे कैंपस में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल, विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।

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क्या हैं प्रोफेसर पर गंभीर आरोप?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, करीब एक महीने पहले आईसीसी को कम से कम 10 छात्र-छात्राओं की ओर से प्रोफेसर के खिलाफ लिखित शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों में प्रोफेसर पर कई चौंकाने वाले आरोप लगाए गए है।

घर बुलाकर दुर्व्यवहार
छात्रों का मुख्य आरोप है कि प्रोफेसर उन्हें अक्सर किसी मुलाकात या सभा (मीटिंग) के बहाने कैंपस में ही स्थित अपने सरकारी आवास पर बुलाते थे। आरोप है कि यहां वे छात्रों के साथ यौन दुर्व्यवहार करने की कोशिश करते थे।

कक्षाओं में अश्लील टिप्पणियां
कुछ अन्य शिकायतों में यह भी दावा किया गया है कि प्रोफेसर का रवैया कक्षाओं के दौरान भी अमर्यादित रहता था और वे छात्रों पर अश्लील और अनुचित टिप्पणियां करते थे।
 

वरिष्ठ छात्रों ने भी दर्ज कराई शिकायत
शुरुआती 10 शिकायतों के दर्ज होने के बाद, मामले ने और ज्यादा तूल पकड़ लिया है। अब कई अन्य वरिष्ठ (सीनियर) छात्रों ने भी आगे आकर हिम्मत जुटाई है और प्रोफेसर के खिलाफ ठीक इसी तरह के आरोप लगाते हुए अपनी आधिकारिक शिकायतें समिति को दी हैं।
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पुलिस तक नहीं पहुंचा है मामला
कैंपस में मचे इस भारी बवाल और गंभीर आरोपों के बावजूद, अभी तक किसी भी छात्र की ओर से पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत या एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। छात्र फिलहाल विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच प्रणाली की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।

दूसरी ओर, इस बेहद संवेदनशील और बड़े मामले पर जेएनयू प्रशासन ने चुप्पी साधी हुई है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है। अब सभी की निगाहें आईसीसी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय हो सकेगी।
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