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'जज साहब! मैने अपनी मर्जी से बनाए थे संबंध'

Sun, 18 May 2014 05:53 PM IST
विजय सिंघल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली की तीस हजारी स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पीड़ितों के बयान से मुकरने के बाद गैंगरेप के एक और रेप के दो मामलों में दस आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने पीड़ितों के इस रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई।
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जस्टिस अनिल शर्मा ने कहा, "इस तरह के मामलों को लेकर हर तरफ लोगों में आक्रोश है। वे कहते हैं कि अपराधियों को सजा नहीं दी जा रही, लेकिन अदालत दुष्कर्म के मामले में दोषी को तब तक सजा नहीं दे सकती, जब तक पीड़ित ठोस बयान नहीं दें। अदालत सिर्फ मीडिया रिपोर्ट या फिर भावनाओं में बहकर फैसला नहीं सुना सकती।"

दिलचस्प बात है कि तीनों ही मामलों में पीड़ित अदालत के समक्ष अपने बयान से मुकर गईं। उन्होंने कहा कि उनसे गैंगरेप या रेप नहीं हुआ, बल्कि उन्होंने अपनी इच्छा से शारीरिक संबंध बनाए थे। पुलिस ने गलत बयान दर्ज किए।
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पीड़ित अपने बयान से पलटे

इतना ही नहीं गैंगरेप के मामले में पीड़ित ने कहा कि उसने अपने शुभचिंतकों के दबाव में आरोप लगाया था। जबकि उसने प्रेमी से स्वयं संबंध बनाए थे। इसलिए तीनों आरोपियों को रिहा किया जाए।

पहला मामला गांव रणहोला इलाके का है। 31 दिसंबर, 2013 को पीड़ित ने विपिन लाकड़ा, उसके दोस्त सतपाल और मनप्रीत के खिलाफ गैंगरेप का आरोप लगाया। पुलिस ने कोर्ट मे तीनों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर कर दिया। लेकिन 8 मई को कोर्ट में पीड़ित की गवाही हुई तो वो अपने बयान से मुकर गई।

दूसरा मामला थाना हरी नगर इलाके का है। यह मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा था। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि 8 फरवरी, 2013 को उसके पति कुशान्क ने उसे जबरन कुलदीप नामक आरोपी को बेच दिया था। जिसने उसके साथ दुष्कर्म किया।
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कोर्ट के आदेश पर हुई थी कार्रवाई

हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कुशान्क और कुलदीप के अलावा मामले में रोहताश सिंह, तरुण कुमार, सूरज मुखी और मंजू बाला को आरोपी बनाया।

हालांकि 2 मई को कोर्ट में पीड़ित अपने बयान से मुकर गई। उसने बताया कि उसने कुशान्क के साथ प्रेम विवाह किया था। अलग होने के बाद उसने कुलदीप से विवाह कर लिया।

तीसरा मामला पश्चिम दिल्ली के रघुबीर नगर का है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि नजीर उससे छेड़छाड़ करके परेशान करता था। इस बीच 16 नवंबर, 2013 को नजीर ने उससे दुष्कर्म किया। उसने जबरन अपने दोस्त के साथ मिलकर उसकी आपत्तिजनक फोटो भी खींची।

साथ ही पति और बच्चों को मारने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया। लेकिन 2 मई को पीड़ित अदालत के समक्ष बयान से मुकर गई। उसने कहा कि नजीर से उसके शारीरिक संबंध थे। उसने अपनी मर्जी से उस पर दुष्कर्म का आरोप नहीं लगाया था।
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