आयानगर के 1967 से 2023 तक के तापमान के आंकड़े को देखें तो 28 मई 1988 को अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री और 11 जून 2019 को तापमान 47 दर्ज किया गया। जबकि मंगलवार को आयानगर में तापमान ने छंलाग लगाई और 47.6 दर्ज किया गया। इस तरह से इस केंद्र का यह सबसे अधिक तापमान है। वहीं रिज में मंगलवार को तापमान 47.5 दर्ज किया गया। जो कि ऑल टाइम रिकॉर्ड बना। रिज के 1973 से 2023 तक के आंकड़ों के अनुसार 16 मई 2022 को तापमान 47.2 और 7 जून 2014 को तापमान 46.3 डिग्री दर्ज किया गया था।
मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सफदरजंग एक मानक केंद्र है। मंगलवार को यहां तापमान 45.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उन्होंने पहला कि अधिकतम तापमान बीते चार साल में दूसरा सबसे अधिक तापमान है। 27 मई 2020 को सफदरजंग में तापमान 46 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं ऑल टाइम रिकॉर्ड की बात करें तो 1931 से 2023 तक सफदरजंग में 29 मई 1944 को तापमान 47.2 और 17 जून 1945 को तापमान 46.7 डिग्री दर्ज किया गया था।
पश्चिमी विक्षोभ से दो दिन बाद मिलेगी मामूली राहत
मौसम विभाग के अनुसार अभी दो दिन तक ऐसी ही गर्मी बनी रहेगी। बुधवार (29 मई) को भी गर्मी व लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तापमान 46 डिग्री रहने की संभावना है। जबकि दिन में हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। दिन में 25-35 किलोमीटर प्रतिघंटा की हिसाब से धूल भरी हवाएं चलेंगी। 30 मई को भी लगभग ऐसी स्थिति रहेगी। शाम से मौसम में बदलाव होगा। विभाग के अनुसार 31 मई व एक जून को तापमान में दो से तीन डिग्री की मामूली गिरावट होगी। ऐसा एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण होगा। विभाग ने 31 मई व एक जून को मामूली बारिश व धूल भरी हवाएं चलने की संभावना जताई है। जून के पहले सप्ताह तक भले ही तापमान दो से तीन डिग्री कम हो जाए लेकिन गर्मी 45 डिग्री से अधिक वाली ही महसूस होगी।