सात महीने बाद तेजस ट्रेन फिर से ट्रैक पर वापस लौट रही है। देश की पहली कॉरपोरेट तेजस ट्रेन 17 अक्तूबर से चलेगी। बृहस्पतिवार से इस ट्रेन से यात्रा के लिए आरक्षण की सुविधा शुरू हो जाएगी। खास बात यह है कि कोरोना काल में कुल क्षमता की 60 प्रतिशत सीटों की ही बुकिंग होगी।
आईआरसीटीसी की अधिकारी रजनी हशीजा ने बताया कि कोविड-19 को देखते हुए ट्रेन पूरे तरीके से सेनेटाइज करके चलाई जाएगी। यात्रियों को जरूरत हुई तो उन्हें कोरोना से बचाव के लिए किट भी
उपलब्ध कराए जाएंगे। यात्रियों को खास तरह का मास्क दिया जाएगा, सेनेटाइजर और फेस शील्ड दिया जाएगा। ट्रेन के पूरे स्टाफ को विशेष तरह की ट्रेनिंग दी है।
सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रख पूरी क्षमता के साथ ट्रेन नहीं चलेगी। एक सीट छोड़कर ही यात्रियों को बैठने की अनुमति होगी। सेनेटाइजर दिया जाएगा। ट्रेन चलाने के लिए एक एसओपी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि बतौर पॉयलट प्रोजेक्ट पंद्रह दिनों के लिए चलेगी। इसके बाद समीक्षा की जाएगी। सामान को सेनेटाइज करने के लिए विशेष ट्रेनिंग स्टाफ को दी गई है।
उल्लेखनीय है कि आईआरसीटीसी ने देश की पहली कॉरपोरेट तेजस ट्रेन दिल्ली-लखनऊ के बीच चली थी। इसके बाद अहमदाबाद-मुंबई के बीच चलाई गई थी। ये दोनों ट्रेन कोरोना के संक्रमण को देखते हुए 19 मार्च को बंद कर दी गई थी। अब 17 अक्तूबर से इसे अगामी त्योहारों को देखते हुए दुबारा चलाने का निर्णय लिया गया है।
उधर, देश की सबसे लग्जरी पैलेस ऑन व्हील ट्रेन भी ट्रैक पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। यह ट्रेन नये साल में चलेगी। जनवरी से चलने वाली इस ट्रेन के लिए बुकिंग प्रकिया शुरू कर दी गई है। पर्यटन
को बढ़ावा देने के लिए तेजस व पैलेस ऑन व्हील ट्रेन चलाई जा रही हैं।