यह युवाओं में धूम्रपान का बड़ा कारण समाज और अभिभावक भी हैं। 45 फीसदी युवाओं ने माना कि वे दोस्तों के बीच कूल दिखाने के लिए धूम्रपान करते हैं, जबकि 89 फीसदी के मुताबिक जब धूम्रपान से अभिभावकों के स्वास्थ्य में कोई दिक्कत नहीं है तो उन्हें क्यों होगी।
खुलासा दिल्ली-एनसीआर व चंडीगढ़ समेत छह शहरों में स्कूलों में पढ़ने वाले 1900 छात्रों पर किए गए सर्वे में हुआ है। फोर्टिज हेल्थकेयर स्टडी के मानसिक स्वास्थ्य व व्यावहारिक विज्ञान विभाग के डॉ. समीर पारेख की अध्यक्षता में दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, मुंबई, बंगलूरु, जयपुर, कोलकात्ता व चेन्नई के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच सर्वे किया गया।
इसमें छात्रों को 13 सवालों के जवाब देने थे। डॉ. पारेख के अनुसार, सर्वे का मकसद युवाओं की धूम्रपान की आदत और उसे लेकर उनकी धारणा को समझने था।