सुबह साढ़े छह बजे के करीब नेब सराय थाने इलाके से किसी दुकानदार ने पुलिस को फोन कर बताया कि छत से गिर कर एक लड़की की मौत हो गई है जिसे उसके घर वाले डाक्टर के पास ले गए हैं।
जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती लड़की के घर वाले आगरा पहुंच चुके थे। असल में गिरने वाली लड़की की उम्र 18 साल थी और उसकी मौत हो चुकी थी।
लड़की को अपने से दो साल बड़े अकाउंट पढ़ाने वाले अपने ट्यूटर से प्यार हो गया था। इसी साल अप्रैल में 12वीं की परीक्षा देने के बाद उसने अपने टीचर को फोन कर बताया कि उसे अकाउंट में कुछ समस्या आ रही है और उसे मदद की जरूरत है।
दक्षिण पूर्वी दिल्ली के संगम विहार इलाके के रहने वाली इस लड़की को जब उसके ट्यूटर ने कोई जवाब नहीं दिया तो उसने उसने टीचर को मैसेज करना शुरु कर दिया।
पिता के सामने ही पकड़ लिया ट्यूशन टीचर का हाथ
पुलिस जांच में पता चला कि लड़की ने ट्यूटर को एक हजार बार कॉल किया और कई मैसेजेस भी किए। ट्यूटर ने लड़की से परेशान होकर उसका नंबर तक ब्लॉक कर दिया।
लड़की इसके बाद भी उसे कॉल करने की कोशिश करती रही। शनिवार को ट्यूटर ने लड़की के भाई को फोन किया और उसके पिता का फोन नंबर मांगा और उनसे मुलाकात के लिए समय मांगा।
ट्यूटर ने लड़की के पिता को पूरी बात बताई और उसे भेजे गए सारे मैसेजेस भी दिखाए। लड़की के पिता ने अपनी शर्मिंदगी जाहिर की और ट्यूटर से माफी मांगी और लड़की को भी माफी मांगने के लिए कहा।
लेकिन लड़की ने पिता के सामने ही ट्यूटर का हाथ पकड़ लिया और जोर-जोर से रोने लगी। उसने अपने पिता से कहा कि वह इनसे प्यार करती है और शादी करना चाहती है।
देर रात सुनाई दिया शोर
इन सबके बाद पिता ने बेटी को समझाने की कोशिश की और उसे यह सब भूलने के लिए कहा। शाम को लड़की ने अपने पिता से समोसा खाने की इच्छा जताई जिसके बाद वह समोसा लेने चले गए।
पिता के जाते ही लड़की घर की पहली मंजिल से कूद गई लेकिन उसे चोट नहीं आई। बाद में वह बाहर के दरवाजे से घर में आ गई और अपनी मां से कहा कि उसे अपने किए पर पछतावा है।
रात में सभी ने साथ में खाना खाया और सोने चले गए। रात करीब डेढ़ बजे घरवालों को शोर सुनाई दिया। बाहर देखने पर उन्होंने पाया कि उनकी बेटी सड़क पर बेसुध पड़ी हुई है।
लड़की के पिता ने पुलिस को बताया कि मोहल्ले के लोग उनकी बेटी के आस-पास जमा थे लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। घरवाले उसे लेकर पास के अस्पताल में गए जो उस दिन बंद था।
पिता के साथ आगरा गई पुलिस टीम
अस्पताल में मौजूद अटेंडेंट ने उसकी नब्ज को देखा और बताया कि उसकी मौत हो गई है। इसके बाद करीब चार बजे घरवाले उसकी बॉडी को लेकर आगरा स्थित अपने पैतृक घर चले गए।
इसके बाद सुबह साढ़े छह बजे के करीब पास के ही एक दुकान वाले ने पुलिस पीसीआर को फोन कर घटना के बारे में बताया। पड़ोसियों का कहना है कि लड़की के घरवालों ने कभी इस बारे में उनसे कोई बात नहीं की।
पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। नेब सराय पुलिस की एक टीम लड़की के पिता के साथ आगरा उसके जलाए गए शरीर के अवशेषों को लेने गई है ताकि जांच आगे बढ़ाई जा सके।