नगर निगम के हाईटेक कंट्रोल रूम से लोगों की शिकायतों का समय पर निस्तारण के साथ ही हाउस टैक्स वसूली में गड़बड़ी भी रुकेगी। नगर निगम जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल में नई व्यवस्था करेगा।
इसमें लोगों को हाउस टैक्स की रकम के साथ-साथ उनके भवन की पैमाइश भी बताई जाएगी। इस पैमाइश में गड़बड़ी पर भवन मालिक ऑनलाइन ही संशोधन कर संबंधित अधिकारियों को भेज देंगे।
भवन मालिक की आपत्ति पर निगम अधिकारी इसे क्रॉस चेक कर संशोधन करेंगे। फिलहाल नगर निगम के टैक्स इंस्पेक्टर ही बिल्डिंग की पैमाइश कर सीधे टैक्स निर्धारण कर देते हैं।
टैक्स बिल में बिल्डिंग के क्षेत्रफल का ब्यौरा नहीं दिया जाता। टैक्स विभाग में पारदर्शिता नहीं है। टैक्स इंस्पेक्टर मनमानी कर भवनों का क्षेत्रफल कम या ज्यादा दर्ज कर देते हैं।
अब नई व्यवस्था में बिल्डिंगों का क्षेत्रफल भी ऑनलाइन होगा। निगम की ओर से भवन मालिकों को यूनीक कोड दिए जाएंगे।
मकान नंबर या यूनीक कोड के जरिए लोग अपनी बिल्डिंग का ब्योरा न केवल देख सकेंगे बल्कि कंप्यूटर पर ही उसमें संशोधन कर आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।
इस नई व्यवस्था से निगम में इंस्पेक्टर राज खत्म होगा और पारदर्शिता आएगी।