राजधानी के मंदिरों में भगवान श्री कृष्ण के जन्नदिन को मनाने की पूरी तैयारी पूरी हो गई हैं। बृहस्पतिवार को जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाएगी। इस सिलसिले में मंदिरों को देश विदेश के फूलों से सजाया गया है और उन पर रोशनी की गई है।
मंदिरों में पूजा अर्चना करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। नई दिल्ली स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर, ईस्ट आफ कैलाश, पंजाबी बाग, रोहिणी व द्वारका स्थित इस्कॉन मंदिर, बद्री भगत झंडेवाला मंदिर, छतरपुर मंदिर, प्रीत विहार स्थित गुफा वाले मंदिर, आसिफ अली रोड स्थित श्रीराम हनुमान वाटिका मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाने की तैयारी पूरी हो गई है।
मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिरों में मुख्य द्वार से पाइपों एवं बल्लियों के माध्यम से लाइन लगाने की व्यवस्था की गई है।
मंदिरों में श्री कृष्ण लीला, श्रीमद्भागवत कथा, कीर्तन, प्रवचन आदि कार्यक्रमों के आयोजन की भी प्रस्तुति की जाएगी। वहीं, झाकियां भी प्रदर्शित की जाएंगी। मंदिरों में रात को 108 कलशों से भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक किया जाएगा। इसके अलावा 108 आरती उतारी जाएगी।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
आतंकी घटनाओं के मद्देनजर मंदिर प्रबंधक समितियों ने सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। प्रत्येक बड़े मंदिर में सौ से अधिक सेवादार तैनात किए हैं। वे पुलिस के साथ तालमेल कर मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालुुुओं पर नजर रखेंगे।
हालांकि मंदिरों के अंदर और बाहर की सुरक्षा व्यवस्था पुलिस ने भी संभाल ली है। मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश से पहले पुलिस की गहन जांच पड़ताल से गुजरना पड़ेगा। मंदिरों के अंदर एवं बाहर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने जन्माष्टमी के अवसर पर प्रमुख मंदिरों के आस-पास साफ सफाई के पूरे इंतजाम किए हैं। स्थायी समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह मोंटी ने बताया कि इस्कॉन मंदिर, छतरपुर मंदिर और कॉलोनियों में बड़े मंदिरों के आस-पास सफाई कर्मचारियों को अधिक मात्रा में तैनात किया गया है।
इसके अलावा बारिश होने पर जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए भी कर्मचारियों को सतर्क किया है। वहीं डेंगू के मामलों को देखते हुए मंदिरों के आसपास लार्वा की जांच की गई है और फोगिंग भी की गई है।