केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय विश्वविद्यालयों के शिक्षकों से हड़ताल का फैसला वापस लेने की मांग के बाद भी हड़ताल जारी रही। फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटी टीचर एसोसिएशन (फेडकूटा) के आह्वान पर शिक्षकों ने दो सौ प्वाइंट रोस्टर की मांग पर हड़ताल व सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करवाया। इसके चलते डीयू, जेएनयू, अंबेडकर, इलाहाबाद समेत अन्य विश्वविद्यालयों में कक्षाएं नहीं लगी।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर की ओर से विश्वविद्यालय प्रबंधन और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की शिक्षक यूनियन से हड़ताल वापस लेने की अपील की गई थी। जावडेकर ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों के शिक्षकों से दो दिन इंतजार करने का आग्रह किया था।
उन्होंने शिक्षकों से अनुरोध किया था कि दो सौ प्वाइंट रोस्टर बहाल करने के लिए वे सड़कों पर न उतरें। क्योंकि सरकार आरक्षित वर्ग के शिक्षकों के साथ पूरा न्याय करेगी। हालांकि, सरकार की मांग के बाद भी देशभर के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों ने लाल झंडे के साथ सरकार के खिलाफ दिल्ली में विरोध जताया।
इस दौरान जवाहर लाल नेहरू विवि, दिल्ली विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विवि, राजस्थान विवि, हरियाणा विवि, अंबेडकर विश्वविद्यालय समेत कई विश्वविद्यालयों में मंगलवार को कक्षाएं नहीं लगीं। इसके चलते जिन छात्रों की उपस्थिति कम है, वे चाहकर भी अपनी हाजिरी नहीं लगवा पाए हैं।