केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर पुराने शिक्षकों को राहत देने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी के रामलीला मैदान में शनिवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किए जाने के फैसले के खिलाफ देशभर के 13 से अधिक राज्यों से पहुंचे हजारों शिक्षकों का आक्रोश फूट पड़ा। इस बड़े प्रदर्शन में शिक्षकों ने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर पुराने शिक्षकों को राहत देने की मांग की।
प्रदर्शन करने आए शिक्षक “टीईटी अनिवार्यता वापस लो”, “शिक्षकों के साथ अन्याय बंद करो” और “शिक्षक बचाओ, शिक्षा बचाओ” जैसे नारे लगाते नजर आए। प्रदर्शनकारी शिक्षका सुनीता सिंह ने बताया कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को अचानक टीईटी पास करने का आदेश देना अनुचित है। ऐसा आदेश शिक्षकों के अनुभव और मेहनत का अपमान है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यह आंदोलन उनके सम्मान, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को बचाने की लड़ाई है, जो मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी।
सुबह से ही रामलीला मैदान के आसपास शिक्षकों की भारी भीड़ जुटने लगी थी, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े। देशभर से आए शिक्षक संगठनों ने कहा कि यह सिर्फ दिल्ली का प्रदर्शन नहीं, बल्कि देशभर के शिक्षकों की आवाज है। शिक्षकों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज कर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।