दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020: नई दिल्ली
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब महज 10 दिन ही बाकी हैं। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया में शिक्षकों की ड्यूटी लगने से इन दिनों स्कूलों में पढ़ाई बाधित हो रही है। बोर्ड परीक्षाएं सिर पर हैं और अन्य कक्षाओं की परीक्षाओं के शुरू होने में भी कम ही दिन बचे हैं। ऐसे में स्कूलों में ब्लॉक ड्यूटी फॉर्मूले के आधार पर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। वहीं कुछ स्कूलों में तो शिक्षकों की पहले से कमी है और शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी का हिस्सा बनाए जाने के कारण दिक्कत ज्यादा हो रही है।
दिल्ली के 1023 सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बनाने के लिए काफी दिनों से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कारण से वह स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में कक्षाओं में पढ़ाई नहीं हो पा रही। बताया जा रहा है कि स्कूल में शिक्षकों की जितनी संख्या है, उसके आधार पर ही उन्हें प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है।
प्रतिदिन एक स्कूल से चार से पांच शिक्षक चुनाव ड्यूटी के प्रशिक्षण के लिए जा रहे हैं। कक्षाएं खाली रहने से अन्य शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हो पा रही। एक शिक्षक ने बताया कि स्कूलों में ब्लॉक ड्यूटी लगाकर किसी तरह से काम चलाया जा रहा है।
इसका अर्थ है कि स्कूल के किसी एक ब्लॉक में जितनी कक्षाएं हैं वहां दो से तीन शिक्षकों को अपनी कक्षाओं के साथ-साथ अन्य कक्षाओं को संभालने के लिए कहा जा रहा है। सरकारी स्कूल शिक्षक संघ के महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और स्कूल शिक्षकों के बिना खाली पड़े हैं।
शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी हटवाने की सिफारिश की जानी चाहिए थी। रिजल्ट खराब होने पर इसकी गाज शिक्षकों पर ही गिरेगी, जो शिक्षक 10वीं व 12वीं कक्षाओं को पढ़ाते हैं उन्हें चुनावी ड्यूटी से हटाया जाना चाहिए।