मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि शिक्षक हमारे राष्ट्र के सच्चे शिल्पकार हैं। आज बच्चों में वे जो मूल्य डालते हैं, वही कल भारत के भविष्य को आकार देंगे। मुख्यमंत्री शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित विकास भी, विरासत भी नामक एनडीएमसी की नई शैक्षिक पहल के शुभारंभ समारोह और शिक्षकों के सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने 15 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, नई पीढ़ी को सिर्फ विकास ही नहीं, बल्कि विरासत का महत्व भी समझाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए पानी की हर बूंद बचाना, प्रदूषण से लड़ना और यमुना नदी को उसकी प्राचीन गरिमा लौटाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एनडीएमसी की यह पहल प्रधानमंत्री के विजन विकास भी, विरासत भी को मूर्त रूप देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि विकास और विरासत में संतुलन बनाना जरूरी है। सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाते ही नहीं, बल्कि उन्हें संस्कृति और जीवन मूल्यों से भी जोड़ते हैं। एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्रा ने कहा कि योग, अंकगणित, भारतीय ज्ञान परंपरा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।