अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को जनकपुरी स्थित एक निजी स्कूल में तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म ( पॉक्सो) के मामले में आरोपी शिक्षिका की जमानत रद्द कर दी। न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की पीठ ने शिक्षिका को तीन दिन के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया।
अदालत ने कहा कि यौन अपराधों से जुड़े मामलों में जमानत पर विचार करते समय पीड़ित को हुए शारीरिक, भावनात्मक, मानसिक और मनोवैज्ञानिक नुकसान को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पॉक्सो मामलों में अदालतों को अत्यधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। मामले में स्कूल के केयरटेकर पर तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोप है, जबकि शिक्षिका भी सह-आरोपी है। इससे पहले 29 जून को हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी केयरटेकर की जमानत भी रद्द कर दी थी और उसे 1 जुलाई तक सरेंडर करने का निर्देश दिया था।