शिक्षा विभाग ने स्कूलों में शिक्षकों को फसली अवकाश के नाम पर पांच से 14 अप्रैल तक छुट्टियां देने का आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश पत्र को लेकर शिक्षक संगठनों ने विरोध जता दिया है।
दो माह पहले फसली अवकाश को लेकर सभी शिक्षक संगठनों के साथ सर्वसम्मति से फैसला हुआ था कि दस दिन के लिए मिलने वाला यह अवकाश ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान 22 मई से समायोजित किया जाएगा।
हरियाणा प्राथमिक शिक्षक संगठन के जिला अध्यक्ष चतर सिंह ने कहा कि इस मामले में अधिकारियों ने चालाकी की है, क्योंकि इन दस दिनों की छुट्टियों में सिर्फ तीन दिन ही सरकारी स्कूल खुल रहे हैं। ऐसे में सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी से शिक्षकों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पांच से 14 अप्रैल के बीच छह व 13 अप्रैल को रविवार की छुट्टी है। पांच से आठ अप्रैल के बीच एक दिन चुनाव ड्यूटी में तैनात सभी शिक्षकों की ट्रेनिंग दी जानी है, जबकि नौ व 10 को चुनाव ड्यूटी पर रहना है।
ऐसे में स्कूल बंद ही रहेंगे, जबकि 11 अप्रैल को चुनाव ड्यूटी से लौटने वाले कर्मचारियों के लिए आराम करने का दिन है। 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती को लेकर सरकारी अवकाश है, ऐसे में महज तीन दिन ही स्कूल खुलने हैं, इसलिए बड़ी चालाकी से फसली अवकाश इसी समय दे दिया गया है।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रदेश सचिव यादराम और हरियाणा स्कूली लेक्चरर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष रामबीर शर्मा ने इस आदेश को वापस लेने का आग्रह किया है। उधर, जिला शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार अरोड़ा का कहना है कि ये आदेश उच्चाधिकारियों की तरफ से आए हैं।