पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने उस महिला टीचर को सम्मानित किया है जिन्होंने पिछले साल एक कार्यक्रम के दौरान दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी से गाने की फरमाइश की थी। इसके बाद मनोज तिवारी ने उन्हें सबके सामने फटकार लगाने के साथ ही अपमानित भी किया था।
इस महिला शिक्षक को आज टीचर्स डे के मौके पर उन्हें सम्मानित किया गया। उत्तर पूर्वी दिल्ली के यमुना विहार के बी-2 ब्लॉक के निगम स्कूल में पढ़ाने वाली प्राइमरी टीचर नीतू सिंह पंवार को निगम टीचर पुरस्कार दिया गया।
शिक्षा निदेशक की ओर से कुल 15 प्राइमरी और एक नर्सरी टीचर को शिक्षक दिवस के मौके पर निगम टीचर पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार पाने वालों में नीतू पंवार भी शामिल हैं।
अवार्ड मिलने के बाद नीतू पंवार ने कहा कि, मैं पूर्वी दिल्ली नगर निगम का बहुत शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे पुरस्कार दिया। मेरे लिए ये बहुत गर्व की बात है। मैं सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद करती हूं और आगे के लिए वादा करती हूं मेरे विद्यालय और देश के लिए जितना हो पाएगा मैं अच्छा काम करती रहूंगी।
हालांकि जब उनसे मनोज तिवारी वाले विवाद के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने ज्यादा न बोलते हुए बच निकलने का रास्ता अपनाया। उन्होंने बस इतना ही कहा- 'हैप्पी टीचर्स डे'। इस बारे में जब पूर्वी दिल्ली नगर निगम के मेयर बिपिन बिहारी सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि क्यों निमंत्रण मिलने के बाद भी मनोज तिवारी और महेश गिरी इस कार्यक्रम में नहीं आए।
बिपिन बिहारी सिंह ने कहा कि अवार्ड देने के लिए एक योग्यता सुनिश्चित की गई है और जो उसे पूरा करता है उसे सम्मानित किया जाता है इसका किसी विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। मनोज तिवारी के न आने पर उन्होंने कहा कि महेश गिरी और मनोज तिवारी को बुलाया गया था लेकिन किसी व्यस्तता के चलते वो नहीं आ सके। लेकिन अपने प्रतिनिधि को उन्होंने भेजा था।
मनोज तिवारी ने टीचर को डांटा
गौरतलब है कि पिछले साल मार्च में यमुना विहार में निगम स्कूलों में सीसीटीवी कैमरा लगवाने के कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद होने के नाते मनोज तिवारी इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बुलाए गए थे। इसी बीच टीचर नीतू पंवार ने मनोज तिवारी से गाने का अनुरोध कर दिया।
यह बात मनोज तिवारी को नागवार गुजरी और उन्होंने मंच से ही टीचर को फटकार लगाते हुए मंच से उतर जाने का फरमान सुना दिया। दरअसल मंच पर स्वागत के बाद तिवारी को संबोधन के लिए बुलाया गया। उसी दौरान टीचर ने मनोज से फरमाइश की कि वह अपने अंदाज में कुछ गुनगुना दें। ये सुनते ही तिवारी को गुस्सा आ गया।
टीचर का अनुरोध सुन मनोज तिवारी ने कहा 'आपको क्या ऐसा कहना चाहिए। मैं कोई नौटंकी कर रहा हूं। यहां मजाक नहीं हो रहा। आप सांसद को बोलोगे, गाना गाओ। ये तमीज है आपकी, ये गाने का प्रोग्राम है क्या। दो करोड़ रुपये के सीसीटीवी लग रहे हैं और आप कह रहे हैं कि गाना गाओ।'
इसी के साथ तिवारी ने उसे मंच से उतरने का फरमान भी सुना डाला। उन्होंने मंच पर बैठे लोगों से कहा, 'इनके खिलाफ कार्रवाई कीजिए। इनको बिल्कुल क्षमा नहीं किया जाना चाहिए। जब इनको पता नहीं कि सांसद से बात कैसे करते हैं तो छात्रों से कैसे बात करते होंगे। सामान्य ज्ञान होना चाहिए। आप टीचर हो कोई सामान्य एंकर ऐसा कहे तो समझ में आता है।'
बाद में जब इस बारे में उन्होंने मीडिया से बात की तो तिवारी ने कहा था, 'टीचर ने माफी मांग ली है इसलिए अब कार्रवाई नहीं होगी।'