ग्रेटर नोएडा में मिहिर भोज गर्ल्स डिग्री कॉलेज दादरी के दो प्रवक्ताओं के नौकरी से निकालने से मानसिक रूप से परेशान एक प्रवक्ता ने रेलगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।
दूसरी प्रवक्ता ने जातिगत आधार पर निष्काषित करने का आरोप लगाते हुए एसएसपी, राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने और दोषी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रवक्ता डा. अनुपमा सिंह ने एसएसपी और राष्ट्रीय महिला आयोग को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि समिति ने उसको ओर एक अन्य प्रवक्ता डा. मंजू मान को जातिगत आधार पर गैरकानूनी तरीके से 12 जुलाई 2014 को नौकरी से निकला दिया था।
नौकरी से निकलने के बाद डा. मंजूमान ने अपने बकाया वेतन लेने कालेज आई, लेकिन उसको वेतन नहीं दिया गया। मानसिक रूप से तंग डा.मंजू मान ने 30 अगस्त 2014 को अलीगढ़ में मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। इस संबंध में चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के कुलपति को मामले से अवगत कराया गया।
कुलपति ने कॉलेज प्रशासन के निर्णय को विवि के नियमों के विरुद्ध मानते हुए दोनों प्रवक्ताओं को कॉलेज में यथावत बने रहने के निर्देश दिए है। कुलपति के निर्देश पर 6 सितंबर को प्रवक्ता अनुपमा सिंह कॉलेज में उपस्थित हुई। उसको गाली गलौंच करते हुए कुलपति के पत्र को फर्जी करार देते हुए कॉलेज से बाहर निकाल दिया।
कॉलेज से निकालने से परेशान प्रवक्ता ने बुधवार को मामले की शिकायत दादरी कोतवाल, एसएसपी और राष्ट्रीय महिला आयोग से की है। मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मामले से शासन को भी अवगत करा दिया गया है।
वहीं प्रबंध समिति के सचिव धीरज नागर का कहना है कि कमेटी के ऊपर आरोप बेबुनियाद लगाए है। डा. मंजू मान की क्रॉसिंग पार करने के दौरान हादसे में मृत्यु हुई थी। प्रवक्ता को निकालने के मामले को लेकर जल्द ही समिति की बैठक बुलाई है, जिसमें कुलपति के निर्देश को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा।