बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मर और केबल का निरीक्षण कर करंट लीकेज की विशेष टेस्टिंग की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। टाटा पावर-डीडीएल ने उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में निर्बाध बिजली आपूर्ति और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी व्यापक मानसून तैयारी को और मजबूत करने का दावा किया है। कंपनी की ओर से दावा किया गया है कि मॉनसून के दौरान चुनौतियों को देखते हुए नेटवर्क की मरम्मत तेज की गई है, जिससे कि बिजली कटौती न्यूनतम रहे। इसके लिए कंपनी की ओर से उपकरणों की जांच की गई है। बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मरों और केबलों का व्यापक निरीक्षण किया गया।
करंट लीकेज रोकने के लिए खंभों, पीडब्ल्यूडी-एमसीडी पोल, एटीएम, स्ट्रीट लाइट, स्कूल, अस्पताल और पार्कों की फेंसिंग की विशेष टेस्टिंग हुई है। इसके अलावा सभी क्षेत्रों में सुरक्षा ऑडिट किया गया है। पीआईएसए अभियान के तहत 5300 से अधिक सार्वजनिक प्रतिष्ठानों जैसे स्कूल, अस्पताल और जल शोधन संयंत्रों का सुरक्षा ऑडिट पूरा किया गया। कंपनी की ओर से लोगों को सलाह दी है कि मानसून में गीले हाथों से स्विच न छुएं, मीटर बॉक्स को पानी से बचाएं और बिजली से लगी आग पर पानी न डालें।
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बाढ़ से बचाव के लिए उठाए कदम
बाढ़ से बचाव के लिए स्टेशनों की ऊंचाई बढ़ाई गई है। बाढ़ संभावित इलाकों में 24x7 इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम तैनात की गई हैं। पेड़ों की छंटाई तेज हवा में पेड़ गिरने से लाइन बाधित न हो, इसके लिए वनस्पति प्रबंधन और छंटाई का काम चल रहा है। कंपनी की ओर से शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 19124 जारी किया गया है। डीपीडीडीएल कनेक्ट ऐप, वेबसाइट http://www.tatapower-ddl.com और व्हाट्सएप नंबर 7303482071 जारी किया गया है।