2005 दिल्ली सीरियल ब्लास्ट के कथित मास्टरमाइंड तारिक अहमद डार को मनी लांड्रिंग मामले में अदालत ने जमानत प्रदान की है। इस मामले में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। मनी लांड्रिंग मामले में वह आधी से ज्यादा सजा काट चुका है।
दिल्ली सीरियल ब्लास्ट मामले में उसे अदालत ने दस साल कैद की सजा सुनाई थी जो वह काट चुका है। पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रीतेश ने जमानत प्रदान करते हुए कहा कि मनी लांड्रिंग मामले में तारिक अहमद डार पांच साल व पांच माह की सजा काट चुका है और इस मामले में अधिकतम सात साल की सजा दी जा सकती है। वह करीब 70 फीसदी सजा काट चुका है।
अदालत ने इन तथ्यों पर विचार करने के बाद डार को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके व एक जमानती की शर्त पर जमानत प्रदान की है। सीरियल ब्लास्ट मामले में अदालत ने 16 फरवरी 2017 को डार को 10 साल कैद की सजा सुनाई थी।
इन धमाकों में 67 लोग मारे गये और 200 से ज्यादा जख्मी हुये थे।
अदालत ने डार को प्रतिबंधित आतंकी संगठन का सदस्य होने व समर्थन देने का दोषी मानते हुये दस साल कैद की सजा सुनाई है जिसे वह काट चुका था। अदालत ने इसी मामले में मोहम्मद रफीक शाह व मोहम्मद हुैसन फाजली को सभी आरोपों से बरी कर दिया था।