नहरपार स्थित ग्रेटर फरीदाबाद में सोसाइटियों के सीवर का पानी खुले में डालने को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है।
बता दें कि आरटीआई कार्यकर्ता वरुण श्यौकंद ने काफी समय पहले इसकी शिकायत एनजीटी से की थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी को जवाब दिया कि ग्रेटर फरीदाबाद में सभी सोसाइटियों ने एसटीपी प्लांट लगा लिए हैं।
शिकायतकर्ता ने रविवार को प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी के साथ मौके पर पहुंचे और वहां की वीडियो रिकार्डिंग बनाई ताकि एनजीटी के सामने बोर्ड के दावों की हकीकत सामने लाई जा सके। शिकायतकर्ता के मुताबिक अभी भी सीवर का पानी खुले में डाला जा रहा है।
वहां झील जैसे हालत बन गए हैं। ऐसे में आसपास पर्यावरण के लिए खतरा पैदा हो रहा है। दूषित पानी जमीन के अंदर जाकर उसे भी दूषित कर रहा है। इसके पहले भी एनजीटी ने सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी कर व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। एनजीटी ने फिर से नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आगामी 14 मार्च को जवाब दाखिल करना है।