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तैमूरनगर हत्याकांडः बच्चों के सामने ड्रग्स तस्करों ने पिता को मारी गोली, रो-रोकर मासूमों का बुरा हाल

Tue, 02 Oct 2018 04:55 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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rupesh murder - फोटो : अमर उजाला
नई दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कालोनी के तैमूर नगर इलाके में रविवार रात ड्रग्स माफिया की गोली से घायल रूपेश बिसोया (31) की अस्पताल में मौत हो गई। रूपेश लगातार नशीले पदार्थ के तस्करों के खिलाफ अभियान का नेतृत्व कर रहा था। वारदात के समय रविवार रात वह घर के सामने अपने बच्चों के साथ खेल रहा था। मासूूम बच्चों के सामनेे ही उनके पिता को गोलियों से छलनी कर दिया गया। बच्चे पिता की हालत देख रोते ही रह गए। पढ़ें क्या है पूरा मामला...
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rupesh murder - फोटो : अमर उजाला
बच्चों के सामने मारी गोली रूपेश के 11 वर्षीय बेटा आदित्य व 9 साल की बेटी आदिती पिता के साथ घर के सामने खेल रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। फुटेज में मासूम बदमाशों के पीछे भागता हुआ दिख रहा है। लेकिन पहले से होंडा सिटी कार में इंतजार कर रहा शख्स दोनों को बिठाकर भाग जाता है। बच्चों की चीख पुकार सुनकर रूपेश की पत्नी मोनिका भी वहां आ गई। बच्चे मां से बार-बार अपने पिता के बारे में पूछे जा रहे थे। 27 अक्तूबर को रूपेश का जन्मदिन था। उसके पिता रतन बिसोया की छह माह पहले ही बीमारी से मौत हुई है।
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rupesh murder - फोटो : अमर उजाला
चला गया बेहतरीन कलाकार... रूपेश की मौत से तैमूर नगर में मातम का माहौल है। रूपेश के बचपन के दोस्त महेश ने बताया कि रूपेश को पेंटिंग का शौक था। प्रॉपर्टी का किराया आने के बाद भी वह शकुन आर्ट्स के नाम से फाइन आर्ट्स का दुकान चलाता था। उसकी बनाई कई पेंटिंग रूपेश के घर में लगी हुई है। एक अन्य दोस्त मनोज कुमार ने बताया रूपेश हर समय दोस्तों के साथ खड़ा रहता था। कभी किसी को कुछ जरूरत होती थी तो वह हमेशा दोस्तों व रिश्तेदारों की मदद करता था।

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rupesh murder - फोटो : अमर उजाला
ड्रग्स माफिया ने की वारदात पुलिस सूत्रों के मुताबिक तैमूर नगर की 1000 झग्गियों में करीब 20 सालों से बंग्लादेशी रहते हैं। सभी नशे का धंधा करते हैं। इनमें बाबू, टेढ़ा बिलाल, माया और फारुख प्रमुख है। रविवार रात को फारुख के पास बाबू व टेढ़ा बिलाल मौजूद थे। तभी दीपक नामक युवक ड्रग्स लेने पहुंचा जहां उसका बाबू व बिलाल से झगड़ा हो गया। उसने चाकू से बाबू की गर्दन पर वार कर दिया। बाबू को एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। इसके बाद दो अन्य युवक फारुख के पास ड्रग्स लेने पहुंचे। आरोपियों ने बिलाल की पत्नी से छेड़छाड़ शुरू कर दी। विरोध पर दोनों आरोपी हवाई फायरिंग कर बाहर भाग गए। उसी दौरान रास्ते में दोनों को रूपेश दिख गया।
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rupesh murder - फोटो : अमर उजाला
सीसीटीवी में कैद हुई वारदात रूपेश के घर से अगले मकान पर लगे सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि रात करीब 8.46 बजे रूपेश घर के सामने बच्चों के साथ खेल रहा है। इसी दौरान दो युवक पिस्टल लहराते हुए आते हैं। आरोपी वहां से गुजर रहे लोगों को धक्का देकर डरा रहे हैं। इसी दौरान जैसे ही वह रूपेश के पास पहुंचते हैं वह वह कुछ कहता हुआ दिख रहा है। इसपर पीछे खड़ा दूसरा बदमाश नजदीक से रूपेश के सीने पर गोली मार देता है। फिर आरोपी हाेंडा सिटी से भाग जाते हैं। वारदात के बाद बच्चे उसे देखकर रोते हुए दिख रहे हैं। वहीं, रूपेश जमीन पर गिरता चला जा रहा है। पुलिस इसी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस ने वारदात में शामिल होंडा सिटी लाजपत नगर से बरामद हो गई है, जो चोरी की बताई जा रही है।
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rupesh murder - फोटो : अमर उजाला
उधर, रूपेश की मौत के बाद परिजनों ने सोमवार सुबह 9 बजे तैमूर नगर मेन रोड पर जाम लगा दिया। फिर शव मथुरा रोड पर रखकर वहां भी जाम लगाया। उनका आरोप था कि पुलिस व ड्रग्स माफिया मिले हुए हैं। सड़क पर उतरी भीड़ न्यू फ्रेंड्स कालोनी थाने के एसएचओ पर कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रही थी। पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर करीब दो बजे जाम खुलवाया। 
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rupesh murder - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक रूपेश बिसोया परिवार के साथ 146, तैमूर नगर, न्यू फ्रेंड्स कालोनी में रहता था। इसके परिवार में पत्नी मोनिका, बेटा आदित्य (11) बेटी आदिती (9) के अलावा बड़ा भाई उमेश बिसोया व उसका परिवार है। उमेश तैमूर नगर आरडब्ल्यूए का अध्यक्ष है और वह भाई के साथ मिलकर ड्रग्स माफिया के खिलाफ मुहिम चला रखी है। रूपेश पेंटिंग करता था और घर में ही फाइन आर्ट्स की दुकान चलाता था।

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rupesh murder - फोटो : अमर उजाला
रविवार रात करीब 8.40 बजे वह अपनी बेटी व बेटे के साथ घर के सामने बॉल खेल रहा था। तभी उसने देखा कि दो युवक पिस्टल लहराते हुए आ रहे हैं। रूपेश ने भागकर संदिग्धों से सवाल किया तो उन्होंने उसे गोली मार दी। गोली रूपेश के सीने में लगी थी। परिजन उसे होली फैमिली अस्पताल ले गए, जहां रूपेश को मृत घोषित कर दिया गया। रूपेश की मौत की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। नाले के सामने पुलिस बूथ में तोड़फोड़ कर पुलिस की बाइक को आग के हवाले कर दिया। दर्जनभर कारों को क्षतिग्रस्त कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी झड़प हुई, जिसमें पुलिस को लाठी चार्ज कर आंसू गैस और हवाई फायरिंग करनी पड़ी। रातभर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। उधर, सोमवार को फिर लोगों ने हंगामा कर पहले तैमूर नगर रोड, बाद में मथुरा रोड पर जाम लगाया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज से मामले की छानबीन कर रही है। फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी नही की गई है। 

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rupesh murder - फोटो : अमर उजाला
तैमूर नगर झुग्गी में पुलिस की शह पर बिकता है ड्रग्स मृतक रूपेश बिसोया के भाई उमेश बिसायो ने जिन ड्रग्स बेचने वालों के खिलाफ अभियान चला रखा था उन्हीं तस्करों ने रूपेश की जान ले ली। इलाके में पुलिस की मिली भगत से ड्रग्स बिकती है। जिस फारूक के घर पर फायरिंग हुई वह फारूक अपनी मां के साथ कई सालों से ड्रग्स बेच रहा है, मगर  एनएफसी थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने कभी फारूक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया कि बीट वालों ने कई बार फारूक को पकड़ने की कोशिश की। लेकिन थानाध्यक्ष समेत सीनियर अधिकारियों ने रोक दिया।

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स्थानीय लोगों ने बताया कि तैमूर नगर गांव एसोसिएशन के लेटर हेड पर बस्ती व आसपास ड्रग्स बेचने की अब तक करीब 1000 शिकायतें की जा चुकी है। लोग थानाध्यक्ष से लेकर दिल्ली पुलिस आयुक्त और उपराज्यपाल तक शिकायत रख चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरी शिकायत 20 सितंबर को की गई थी।
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रात दस बजे के बाद यहां नशेड़ियों का बोलबाला हो जाता है, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ड्रग्स तस्करों से पुलिस मोटी वसूली करती है। पुलिसकर्मियों के अनुसार पिछले एक वर्ष में तैमूर नगर झुग्गी बस्ती से सिर्फ छह ड्रग्स सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से तीन अभी जेल में है। टेढ़ा बिलाल को पुलिस एक बार थाने में पकड़ कर लेकर आई थी लेकिन बाद में छोड़ दिया गया। 
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