शुक्रवार सुबह से ही कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में असामान्य हलचल थी। सभी की निगाह कोर्ट रूम नंबर-56 पर टिकी थी, जहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह को सजा पर फैसला सुनाना था। अदालत परिसर में सबसे बड़ा सवाल यही था कि दोषियों को फांसी मिलेगी या उम्रकैद।
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दोपहर बाद सुरक्षा और कड़ी कर दी गई। करीब 3:47 बजे ताहिर हुसैन और अन्य दोषियों को पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे में अदालत कक्ष में लाया गया। परिजनों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। ठीक चार बजे न्यायाधीश ने फैसला सुनाना शुरू किया। आदेश के दौरान अदालत कक्ष में गहरा सन्नाटा छाया रहा और सभी की निगाहें न्यायाधीश पर टिकी थीं।
ताहिर हुसैन (फाइल फोटो)
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फैसले के बाद अदालत परिसर का माहौल भावुक हो गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शाम करीब 4:35 बजे सभी दोषियों को पुलिस सुरक्षा में वापस जेल ले जाया गया। बाहर मौजूद कई परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। करीब आधे घंटे तक अदालत परिसर में सिसकियां, कानूनी चर्चाएं और भारी सुरक्षा का माहौल बना रहा।