अदालत का फैसला और सजा पर अगली सुनवाई
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147 (दंगे के लिए सजा) और धारा 109 (उकसाने) के तहत दोषी करार दिया है, जबकि अन्य आरोपों से उन्हें बरी कर दिया गया। अदालत ने ताहिर हुसैन की सजा की अवधि पर दलीलें सुनने के लिए आगामी 16 नवंबर की तारीख तय की है। मामले का विस्तृत आदेश आना अभी बाकी है।
12 सह-आरोपी हुए बरी
इस मामले में कुल 13 आरोपी बनाए गए थे, जिनमें ताहिर हुसैन के अलावा मोहम्मद शादाब, शाह आलम, रियासत अली, गुलफाम, राशिद, मोहम्मद रिहान, मोहम्मद आबिद, अरशद कयूम, इरशाद अहमद, दीपक सिंह सैनी, नवनीत और महक सिंह शामिल थे।
इन सभी पर दंगा करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी और आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। अदालत ने ताहिर हुसैन को दो मामलों में दोषी ठहराते हुए बाकी आरोपों से बरी कर दिया, जबकि उनके बाकी 12 सह-आरोपियों को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।
पहले भी मिल चुकी है सजा
गौरतलब है कि इसी साल जुलाई में एक अन्य अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े मामले में ताहिर हुसैन और चार अन्य को दोषी ठहराया था।
यह मामला अंकित शर्मा के पिता रविंद्र कुमार की शिकायत पर दयालपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से जुड़ा था। नाम सामने आने के बाद ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।
बता दें कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के इन दंगों में 53 लोगों की जान चली गई थी, कई अन्य घायल हुए थे और बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचा था।