नोएडा सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ के बेटे में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं। उनका बेटा ढाई साल का है। इस बच्चे समेत छह संदिग्ध रोगियों के बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में लार का नमूना लिया गया है।
पैथोलॉजिस्ट डॉ. एचएम लवानिया ने बताया कि अस्पताल परिसर में रहने वाले त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक दुबे के बेटे समेत छह संदिग्ध रोगियों के लार का नमूना स्वास्थ्य विभाग भेज दिया गया है। बुधवार को डॉ. अभिषेक दुबे का भी लार का नमूना लिया गया था। हालांकि वह बृहस्पतिवार को ओपीडी में बैठे थे और रोज की तरह उन्होंने काम भी किया। जिला मलेरिया अधिकारी फूल सिंह ने बताया कि बीते तीन दिन और 26 फरवरी के अलावा सभी मरीजों की रिपोर्ट दिल्ली के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र से मिल गई हैं।
आठ मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव
जिला मलेरिया विभाग को बुधवार देर शाम मिली आठ स्वाइन फ्लू संदिग्ध रोगियों की रिपोर्ट निगेटिव है। इसमें जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग के रजिस्ट्रार केके भास्कर भी शामिल हैं। ज्यादातर मरीजों की रिपोर्ट अब निगेटिव ही आ रही है।
माैत के बाद भी वेंटिलेटर से नहीं हटाया
सेक्टर- 62 स्थित एक निजी अस्पताल में हाल ही में स्वाइन फ्लू से पीड़ित महिला की मौत पर परिजनों ने सीएमओ से शिकायत की है। सीएमओ डॉ. आर के गर्ग ने बताया कि परिजनों का आरोप है कि महिला की हालत गंभीर थी। उसे स्वाइन फ्लू बताते हुए अस्पताल ने वेंटिलेटर पर भर्ती कर लिया। महिला की मौत हो गई थी लेकिन उन्हें वेंटिलेटर से नहीं हटाया गया और मोटा बिल बना दिया गया। सीएमओ ने बताया कि परिजनों से लिखित शिकायत मांगी गई है। बता दें कि स्वाइन फ्लू से छह रोगियों की मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग जानकारी से इंकार कर रहा है।
438 रोगी स्वाइन फ्लू पॉजिटिव
जिले में इस सीजन में 18 मार्च तक स्वाइन फ्लू के 438 रोगी जिला अस्पताल से टेमी फ्लू दवा ले चुके हैं। इसमें 330 रोगी निजी लैब की स्वाइन फ्लू पॉजिटिव रिपोर्ट और 108 रोगी दिल्ली के एनसीडीसी से पॉजिटिव रिपोर्ट के आधार पर टेमी फ्लू प्राप्त कर चुके हैं। इसके अलावा जिला मलेरिया विभाग से भी मरीजों ने दवा ली है।