स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को ई-मेल जारी कर स्पष्ट किया कि अब से जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पर स्वाइन फ्लू दवा नहीं मिलेगी। हालांकि जांच बीके अस्पताल में पहले की तरह होगी। जिसको फ्लू हो जाए वह निजी अस्पतालों से या केमिस्ट से खरीदेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि स्वाइन फ्लू संक्रमण मौसमी है। इसके लिए विभाग को दवाओं की खरीद काफी मात्रा में करनी पड़ती है। इस कारण बजट बिगड़ जाता है। इसके अलावा प्रदेश के किसी जिले में अधिक तो किसी जिले में कम मरीज आते हैं। सारी दवा का उपयोग नहीं हो पाता है। ऐसे में काफी दवा खराब हो जाती है। इसका दोबारा उपयोग नहीं किया जा सकता। इसे ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
इस निर्देश के आते ही एम्स शाखा ने स्वास्थ्य मुख्यालय से संपर्क किया। बताया जा रहा है कि एम्स प्रबंधन चाहता है कि संक्रमणरोधी दवाएं उसके पास हों। साथ ही जांच के लिए एक मिनी लैब खोलने का भी प्रस्ताव रखा है। ताकि क्षेत्र से आने वाले मरीजों को दिक्कत न हो। एम्स शाखा इंचार्ज डॉ. शशिकांत ने बताया कि मुख्यालय से इस पर बात शुरू कर दी गई है। जल्द ही स्थिति साफ हो जाएगी।