निर्भया सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को जल्द फांसी दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया को सुगम बनाने की मांग करते हुए दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। यह पत्र मालीवाल ने इस खबर के मद्देनजर लिखा है कि यह दोषी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले हैं।
स्वाति मालीवाल इन दिनों महिला सुरक्षा की मांग पर 13 दिवसीय पद यात्रा पर हैं। रविवार को पद यात्रा के आठवें दिन वह आरके पुरम सेक्टर चार के रविदास कैंप गईं, जहां निर्भया केस के दोषी रहते थे। राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मालीवाल ने अपील की है कि दुष्कर्म मामलों की सुनवाई तीन माह के भीतर पूरी होनी चाहिए।
इसके अगले तीन माह में सभी अपील, पुनर्विचार याचिका व क्यूरेटिव याचिका पर सुनवाई पूरी हो जाए। ऐसा होने पर छह माह के भीतर दुष्कर्म पीड़ितों को इंसाफ मिलेगा। इसके लिए वह केंद्र सरकार को अध्यादेश लाने का निर्देश दें।
आयोग अध्यक्ष ने पत्र में लिखा कि देश की राजधानी रेप केपिटल के नाम से बदनाम है और यहां आठ माह की बच्चियों तक से दुष्कर्म की वारदातें हुई हैं। राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक रोजाना कम से कम तीन लड़कियां यौन हिंसा का शिकार होती हैं। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले के छह साल बाद भी पीड़िता को इंसाफ नहीं मिल पाया है। उसके माता-पिता आज भी अदालत के चक्कर काट रहे हैं।
निर्भया मामले में हाईकोर्ट ने पांच मई 2017 को चार व्यस्क दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। उनकी अपील हाईकोर्ट तथा विशेष अनुमति याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी हैं। वह अब क्यूरेटिव याचिका दायर करने जा रहे हैं क्योंकि इसे दायर करने की कोई समय सीमा नहीं है। दुष्कर्म के मामलों में क्यूरेटिव याचिका दायर करने की एक समय सीमा होनी चाहिए।