दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के स्वास्थ्य में सुधार है। वह तीन दिसंबर से आमरण अनशन पर थीं। रविवार सुबह उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखे हुए है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. किशोर सिंह ने बताया कि लंबे समय तक अनशन से उनकी तबियत में गिरावट आई थी। हालांकि सोमवार सुबह उनकी हालत में काफी सुधार दिखाई दिया। संभावना है कि मंगलवार सुबह उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
वहीं स्वाति मालीवाल ने सोमवार को निर्भया की बरसी पर देश के नाम खुला पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि वे 13 दिन तक अनशन पर रहीं। इस दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा पर पीएम से लेकर महिला सांसदों और राष्ट्रपति तक को पत्र लिख दुष्कर्म मामलों में छह माह के भीतर ही फांसी की सजा का प्रावधान करने की बात कही लेकिन अफसोस की बात है कि किसी ने भी इस पर संज्ञान नहीं लिया।
आज भी कई निर्भया देश की अलग-अलग जगहों पर उसी दर्द और खौफ से गुजर रही हैं लेकिन हमारी सरकार और सिस्टम मुंह सिले बैठा है। उन्होंने ये भी लिखा कि 16 दिसंबर की खौफनाक रात भुलाई नहीं जा सकती है। जिस दिन को हम कभी भूल नहीं सकते, उसे 7 साल गुजर चुके हैं लेकिन दोषियों को फांसी अब तक नहीं हुई है।