हाईकोर्ट ने 1999 के मॉडल जेसिका लाल हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सिद्धार्थ वशिष्ट उर्फ मनु शर्मा की समय पूर्व रिहाई की याचिका पर दिल्ली सरकार का जवाब आने के बाद सुनवाई के लिए छह फरवरी की तारीख तय की है।
मनु शर्मा करीब 17 सालों से जेल में है और उसने समय पूर्व रिहाई के लिए सजा समीक्षा बोर्ड (एसआरबी) के समक्ष अर्जी दायर की थी लेकिन उसकी अर्जी को बोर्ड ने खारिज कर दिया था।
न्यायमूर्ति मनमोहन और संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ के समक्ष मनु शर्मा के वकील अमित साहनी ने कहा कि उनका मुवक्किल जेल से समय पूर्व रिहाई की सभी शर्तें पूरी करता है लेकिन इसके बावजूद सजा समीक्षा बोर्ड ने उसकी अर्जी बिना किसी जायज कारण के खारिज की है।
वह अब तक छूट के साथ 23 साल और बिना छूट के 17 साल की सजा काट चुका है। इसके बाद भी बोर्ड ने उसकी अर्जी को खारिज कर दिया था जबकि वह सभी मानदंडों को पूरा करता है।
उल्लेखनीय है कि मनु शर्मा पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा का बेटा है। इस मामले में हाईकोर्ट ने मनु शर्मा को बरी करने के निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए दिसंबर 2006 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी और सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2010 में हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था।
30 अप्रैल 1999 की रात को दक्षिणी दिल्ली के महरौली स्थित एक रेस्तरां में शराब परोसने से इन्कार करने पर मनु शर्मा ने जेसिका लाल को गोली मार दी थी।