दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल ने अपना अनशन तोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बलात्कार के मामलों में अपराधियों, विशेष रूप से 12 साल और 16 वर्ष से कम उम्र के लड़कियों के खिलाफ सजा के लिए अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद शनिवार को वह अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर देंगी।
स्वाति मालीवाल कहा, अध्यादेश में लिखा है कि 12 साल तक की बच्ची से बलात्कार पर फांसी की सजा होगी और मामले की सुनवाई 6 महीने में पूरी होगी। देशभर में नए फास्ट ट्रैक कोर्ट और स्पेशल टीमें बनाई जाएंगी, जो रेप केस की जांच करेंगी।
मालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि अनशन खत्म होगा, लेकिन संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा, 'मैं इस फैसले का स्वागत करती हूं, ये आपकी मेहनत, जज्बे और तपस्या का नतीजा है।'
कैबिनेट ने लिया है ये निर्णय
- मोदी सरकार लाएगी आपराधिक कानून संशोधन अध्यादेश, 2018
- 16 वर्ष से उम्र की लड़कियों के साथ बलात्कार केमामले में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं
- 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ बलात्कार केमामले में न्यूनतम 20 वर्ष कारावास
- 12 वर्ष की बच्चियों के साथ गैंगरेप के मामले में सजा उम्रकैद या फांसी
- 16 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों से बलात्कार केमामले में न्यूनतम सजा 10 वर्ष से बढ़ाकर 20 वर्ष कैद
- 16 वर्ष से कम उम्र की लड़की के साथ गैंगरेप के मामले में ताउम्र कैद
- महिलाओं के साथ बलात्कार मामले में न्यूनतम सजा 7 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष और अधिकतम सजा उम्रकैद
- बलात्कार मामले की जांच और ट्रायल दो-दो महीने के भीतर
कठुआ और सूरत में बच्ची के साथ बलात्कार व हत्या की घटनाओं के बाद आम लोगों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रधानंमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने पॉक्सो एक्ट में बदलाव करने का निर्णय कर लिया है। अब 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ बलात्कार के दोषियों को फांसी तक की सजा हो सकती है। अब तक अधिकतम सजा उम्रकैद थी। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि बलात्कार के सभी मामले की जांच और ट्रायल फास्ट ट्रैक होगा। दो महीने के जांच और दो महीने में ट्रायल में पूरा करना होगा। इसकेअलावा 16 वर्ष से उम्र की लड़कियों के साथ बलात्कार केमामले में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं होगा।