स्वराज इंडिया के गठन के साथ ही योगेंद्र यादव ने दिल्ली के एमसीडी चुनाव में उतरने का एलान किया। खुद के लिए बेहद अहम मुकाबला मान रहे नई पार्टी के नेता शराब बंदी की अपनी मुहिम से जनाधार बढ़ाने की कोशिश में हैं।
हालांकि पार्टी की पहली कोशिश अपने कोष को मजबूत करने की है। पहली चुनौती के तौर पर स्वराज इंडिया ने इस महीने के अंत तक एक करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। पारसी अंजुमन गेस्ट हाउस के अधिवेशन में पार्टी संस्थापक सदस्य शांति भूषण ने कार्यकर्ताओं से दिल्ली में एमसीडी चुनाव लड़ने और चंदा जुटाने की अपील की।
शांति भूषण से रजामंदी जताते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि आप से भरोसा टूटने के बाद सभी वार्ड में लोग स्वराज इंडिया का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि हमें उन तक पहुंचने की जरूरत है। उन्होंने माना कि बिना पैसे के चुनाव लड़ना मुमकिन नहीं है। लिहाजा सभी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने स्तर पर ईमानदारी से इसकी कोशिश करनी होगी।
स्वराज इंडिया का पंजाब में धर्मवीर गांधी के फ्रंट को समर्थन
स्वराज इंडिया
- फोटो : अमर उजाला
योगेंद्र यादव ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि एमसीडी चुनाव में जाने के लिए अक्तूबर के आखिर तक एक करोड़ रुपये चंदा जुटाने का लक्ष्य हमें अपने सामने रखना होगा।
पंजाब में धर्मवीर गांधी के फ्रंट को समर्थन
पंजाब चुनाव में जाने के सवाल पर योगेंद्र यादव ने कहा कि पंजाब को फिलहाल एक विकल्प की जरूरत है। लेकिन स्वराज इंडिया ऐसा कोई काम नहीं करेगा, जिससे बादल परिवार को मजबूती मिले।
पंजाब के लिए बादल परिवार सबसे बड़ा खतरा है। धर्मवीर गांधी की अगुवाई में एक नया फ्रंट प्रदेश में तैयार हो रहा है। स्वराज इंडिया के कार्यकर्ता हर स्तर पर इस फ्रंट का सहयोग करेंगे।
दूसरे राज्यों के चुनाव में जाने के सवाल पर योगेंद्र ने कहा कि अभी पार्टी स्तर पर इसकी चर्चा नहीं हुई है। फिर भी, सभी का यह मानना है कि स्वराज इंडिया उसी राज्य के चुनाव में दखल देगा, जहां हमारा संगठन मजबूती से खड़ा होगा।
डेढ़ साल के काम गिनाए
योगेंद्र यादव ने स्वराज अभियान द्वारा किए गए कार्यों को गिनाते हुए कहा कि पिछले डेढ़ सालों में अभियान ने देश भर में सूखे के प्रति मुहिम चलाई। सुप्रीम कोर्ट में भी मुकदमा लड़ा।
स्वराज इंडिया की सर्वोच्च संस्था होगी प्रेजीडियम
प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव
- फोटो : अमर उजाला
भूमि अधिग्रहण कानून को लेकर भी विरोध किया। बैंकों की गैर-निष्पादित संपत्तियों को लेकर खुलासा किया। हरियाणा के दंगों को शांत करने में अभियान के कार्यकर्ता पूरे जोर-शोर से उतरे।
बिहार में शहाबुद्दीन को वापस जेल भेजने के लिए अदालत में लड़ाई लड़ी। दिल्ली विधानसभा में लोकपाल के नाम पर पेश किए गए बेहद कमजोर बिल का विरोध किया। वहीं, आम लोगों की इजाजत के बगैर खुले शराब ठेको को बंद की मुहिम भी चल रही है।
स्वराज इंडिया की सर्वोच्च संस्था होगी प्रेजीडियम
स्वराज इंडिया की सर्वोच्च संस्था प्रेजीडियम होगी। यह पार्टी की दैनिक गतिविधियों पर फैसले लेगी। पार्टी अध्यक्ष, महासचिव व कोषाध्यक्ष समेत इसके करीब 20 सदस्य होंगे।
इनका चुनाव 50 सदस्यीय पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी करेगी। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों के चयन का जिम्मा 540 सदस्यीय राष्ट्रीय काउंसिल पर होगा। राष्ट्रीय काउंसिल में पूरे देश का प्रतिनिधित्व होगा। रविवार की बैठक में पार्टी संगठन का पूरा ढांचा तैयार किया गया।