फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदी सरकार पर बड़ा आरोप- 'जिस कंपनी को काली सूची में डालना था उसी से किया राफेल सौदा'

Fri, 21 Oct 2016 11:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
yogendra yadav, prashant bhushan - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर बड़ा हमला किया है। स्वराज अभियान के दोनों नेताओं का आरोप है कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर मोदी सरकार के दावे पूरी तरह खोखले हैं।
विज्ञापन


यहां तक कि जिस विदेशी कंपनी को काली सूची में डालना चाहिए था, उसी से रफाल विमान का समझौता हुआ। स्वराज अभियान ने अपने अपने आरोपों के हक में दस्तावेज भी जारी किए।

बृहस्पतिवार को प्रेस कांफ्रेंस में प्रशांत भूषण ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार व सीबीआई को है। लेकिन केंद्र सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है।
विज्ञापन
Trending Videos

क्या है दुगने दाम पर सौदे की वजह?

योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने सरकार से विमान समझौते से जुड़ी जानकारियां सार्वजनिक करने की मांग की ताकि शुरुआती बातचीत में तय हुई कीमत से दोगुने से ज्यादा पर हुए समझौते की वजह पता चल सके। प्रशांत के मुताबिक, मामला 2005 के नौसेना वॉर रूम से जुड़ी जानकारियों के लीक होने से जुड़ा है।

इस मामले में रक्षा सौदों के दलाल अभिषेक वर्मा को 2008 में गिरफ्तार किया गया। फिर भी भाजपा के एक सांसद के जरिये वर्मा को 2011 तक दूसरे रक्षा सौदों की गोपनीय जानकारियां मिलती रहीं।

भूषण ने बताया कि मई 2014 में तत्कालीन सीवीसी डायरेक्टर केवी चौधरी ने नई सरकार को अभिषेक वर्मा व रक्षा सौदों के घोटालों की जानकारियां दी थी। वहीं, सितंबर 2016 ने मामले के सरकारी गवाह और कभी अभिषेक वर्मा के सहयोगी रहे एडमंड एलन ने प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सीबीआई को एक पत्र लिखा।

छह पेज की इस चिट्ठी में पूरे घोटाले और बाद में अभिषेक वर्मा का भाजपा सांसद और नेवी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गलत रिश्तों का सिलसिलेवार ढंग से जिक्र है। योगेंद्र यादव ने कहा कि रक्षा मंत्री ने कई मौकों पर माना है कि पनडुब्बी सौदे में घोटाला हुआ है। लेकिन कोई कार्रवाई करने की कौन कहे, उसी कंपनी से रफाल समझौता किया, जिसका नाम पनडुब्बी घोटाले में शामिल है।
विज्ञापन

स्वराज अभियान की मांग

योगेंद्र यादव - फोटो : अमर उजाला
-केंद्र सरकार अभिषेक वर्मा व पनडुब्बी समझौते में कमीशन देने वाली कंपनी थेल्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे।

-अभिषेक वर्मा और उनके सहयोगियों के साथ-साथ घोटाले में शामिल नेवी और आईएएफ के पदाधिकारियों के खिलाफ रक्षा संबंधी गोपनीय सूचना लीक करने का मामला दर्ज हो।

-सरकार रफाल एयरक्राफ्ट के शुरू से अब तक के प्राइस निगोसिएशन से जुड़ी जानकारियां सार्वजनिक करे।

-कानून पाबंदी होने के बाद भी रक्षा सौदों में कमीशन देने की एवज में थेल्स को काली सूची में डाला जाए।

-एडमंड एलन से मिले दस्तावेजों की जांच की जाए। जिसमें भाजपा सांसद व नेवी के अधिकारियों की महिलाओं के साथ बहुत सी तस्वीरें भी हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें