अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से सेवानिवृत्त होने के बाद एक फैकल्टी (चिकित्सक) को सभी प्रशासनिक शक्तियों के साथ सरकार ने दोबारा से बहाल करने का निर्णय लिया है।
सरकार के इस फैसले से एम्स फैकल्टी एसोसिएशन को आपत्ति है। इसकी शिकायत एसोसिएशन की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे.पी.नड्डा को की गई है और इसकी प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी गई है।
फैक्लटी एसोसिएशन एम्स (फैम्स)की ओर से स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि सभी प्रशासनिक शक्तियों के साथ फिर से नौकरी पर रखना और वह भी अनुबंध के आधार पर गलत परंपरा है।