मामला आश्रम में उठा तो मठ ने सभी को व्हाट्सएप वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बात की
एक पीड़ित छात्रा ने प्राथमिकी में कहा कि मामला आश्रम में उठा तो मठ ने सभी को व्हाट्सएप वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बात की थी। इसमें 32 छात्राओं से बात हुई थी। उसके बाद दिल्ली पुलिस के वसंतकुंज थाने को शिकायत दी थी। पुलिस ने दो दिन की जांच के बाद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी।
नाम बुलाकर छात्राओं को बाहर ले जाता था
छात्रा ने शिकायत में कहा कि आरोपी भेजे गए अश्लील मैसेज को टैग कर नए मैसेज भेजता था। यह मार्च 2025 में अपनी बीएमडब्ल्यू कार से छात्राओं को ऋषिकेश ले गया था। एक मैडम ने मैसेज जबरदस्ती डिलीट करवा कर माफीनाम लिखवाया। उसके बाद 25 जून को फिर ऋषिकेश ले गया। यहां पर आश्रम में रूकने के दौरान वह नाम बुलाकर छात्राओं को बाहर ले जाता था। वह देर रात तक छात्राओं को अपने पास बुलाता था। विरोध करने पर उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया।
बेबी कहकर बुलाता था
पीड़िता ने शिकायत में कहा कि आरोपी स्वामी जबरदस्ती हाथ मिलाता था। जब उसने यह बात अपने परिजनों को बताई तो स्वामी ने परिजनों का नंबर ब्लॉक कर दिया। स्वामी ने एक मैडम के जरिए उसे धमकी दी थी कि वह हल्द्वानी एसपी के जरिए उसे उठवा लेगा। वह उसे बेबी कहकर बुलाता था।