पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस व्यक्ति ने अपना पूरा जीवन शिक्षा सुधार और नवाचार को समर्पित कर दिया, उसे सरकार का पूरा तंत्र प्रताड़ित कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि जो व्यक्ति देश के बारे में सोचता है, शिक्षा और नए आविष्कारों के बारे में सोचता है, उसे प्रताड़ित करना भाजपा की घटिया राजनीति का उदाहरण है। दुख होता है कि देश की बागडोर ऐसे लोगों के हाथों में है। ऐसे भारत का विकास कैसे संभव है?
वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भी सोनम वांगचुक के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि वांगचुक केवल लद्दाख की आवाज नहीं बल्कि पूरे भारत के युवाओं की उम्मीद हैं। उनकी आवाज में शिक्षक की सादगी, वैज्ञानिक का ज्ञान और सच्चे देशभक्त की आत्मा है। लेकिन आज भाजपा के राज में स्थिति ऐसी है कि एक सच्चे शिक्षक और नवोन्मेषक को राजनीति के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है।
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने यह भी याद दिलाया कि वांगचुक की उपलब्धियां न केवल लद्दाख बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। शिक्षा से मैकेनिकल इंजीनियर वांगचुक ने 1988 में स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख की स्थापना की थी। उन्होंने सरकारी स्कूल प्रणाली में सुधार के लिए ऑपरेशन न्यू होप की शुरुआत की और लेह में उन छात्रों के लिए वैकल्पिक विद्यालय की स्थापना की, जो पारंपरिक परीक्षा प्रणाली में असफल रहे थे।
2018 में उन्हें शिक्षा सुधारों और समाज सेवा के लिए प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वांगचुक ने लद्दाख जैसे कठिन इलाकों में टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सौर ऊर्जा से गर्म होने वाली मिट्टी की इमारतों का निर्माण किया, जो -15 डिग्री सेल्सियस की ठंड में भी +15 डिग्री तापमान बनाए रखती हैं।
उन्होंने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए कृत्रिम हिमनद ‘आइस स्तूप’ का भी आविष्कार किया, जिससे सर्दियों में संग्रहीत पानी किसानों को वसंत ऋतु में उपलब्ध कराया जा सकता है।