गुड़गांव में स्वच्छ भारत अभियान की हकीकत का अंदाजा लगाना है तो हुडा सेक्टर व नगर निगम का क्षेत्र घूम लें।
झाड़ू पकड़कर फोटो खिंचवाने वाले तो गली कूचे में नजर आ रहे हैं, मगर बगल का कूड़ा उनको नहीं दिखाई दे रहा है। सेक्टरों में जहां पर हुडा की टीम खाली प्लॉट साफ करके निकलती है, उसी के बगल में बसे गांव का कूड़ा दुबारा से सेक्टर के बीच नजर आने लगता है।
हुडा के अधिकारी कहते हैं कि आपस में कोई तालमेल ही नहीं है। पुलिस आयुक्त, उपायुक्त और हुडा प्रशासक से लेकर अन्य वरिष्ठ अधिकारी झाड़ू के साथ तस्वीर खिंचवाने में लगे हैं, मगर उनका आपस में ही एक दूसरे को पता नहीं कि क्या और कब कहां हो रहा है।
संपदा विभाग की टीम परेशान
सेक्टर-39 में एक प्लॉट का कूड़ा साफ करके हुडा की टीम निकलती है। दूसरी ओर झाड़सा गांव के भीतर से सफाई करके आ रही नगर निगम की महिला कर्मचारी अपनी कूड़े से भरी ट्रॉली उसमें पलट देती है। हुडा के संपदा विभाग की टीम इस बात से परेशान है कि जहां पर वह साफ करके आते हैं, सुबह वहीं कूड़ा मिलता है। ओल्ड दिल्ली रोड पर नगर निगम की ओर से सफाई की जा रही है, मगर कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
साल भर से एकत्र हो रहा कूड़ा
शहर के बीचोंबीच सदर बाजार की ट्रंक मार्केट है, जहां पर नगर निगम की झुंड सराय है। यहां पर साल भर से कूड़ा एक त्रित हो रहा है, जिसे देखने वाला कोई नहीं है। नगर निगम के सफाई अधिकारियों को तो इसका पता ही नहीं था। बगल में नूंह से इनेलो के विधायक जाकिर हुसैन का आवास भी है। व्यापारी इस गंदगी से परेशान हैं। एक व्यापारी का कहना है कि पहले तो नगर निगम वाले उनका फोन उठा लेते थे, मगर अब फोन भी नहीं उठा रहे हैं।