नई दिल्ली जिला पुलिस समेत सुरक्षा एजेंसियों में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया था जब भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के सरकारी आवास के बाहर एक युवक के संदिग्ध हालत में घूमने की सूचना मिली।
सांसद के सुरक्षा गार्डों ने तरुण भारद्वाज (33) नामक इस युवक को पकड़कर मौके पर पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया। महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद भाजपा सांसद इन दिनों सुर्खियों में है। भिवाड़ी पुलिस ने भी तरुण को 3 जून को पकड़ा था।
उस समय ये राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने वहां गया था। नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तरुण भारद्वाज से खुफिया विभाग, स्पेशल सेल व नई दिल्ली जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से पूछताछ की है। पूछताछ में कोई संदिग्ध बात सामने नहीं आई है।
मेडिकल जांच में पता लगा है कि युवक की मानसिक हालत ठीक नहीं है। नई दिल्ली जिला अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डा. हेमंत तिवारी ने बताया कि मूलरूप से जनकपुरी, मथुरा यूपी निवासी तरुण भारद्वाज को उसकी पत्नी के हवाले कर दिया गया है। तरुण का भिवाड़ी में सिक्योरिटी का बड़ा व्यवसाय है।
चिल्ला रहा था- अखंड भारत बनाना है
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वह बृहस्पतिवार सुबह, इसके बाद शाम को बृजभूषण के आवास पर पहुंच गया था। इसके बाद शुक्रवार सुबह छह बजे भी उनके आवास पर पहुंच गया। तरुण भारद्वाज डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष के आवास पर चिल्ला रहा था कि अखंड भारत बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शहंशाह बनाना है।
साक्षी मलिक का दावा नाबालिग पहलवान के परिवार पर भारी दबाव
ओलंपिक पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक ने दावा किया है कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कराने वाले नाबालिग पहलवान के परिवार पर भारी दबाव है। साक्षी ने कहा कि वे इस मामले में पीछे नहीं हटेंगे।
इसके साथ ही आरोप पत्र का हवाला देते हुए कहा कि इससे यही साबित होता है कि बृजभूषण सिंह दोषी है। हालांकि, हमारे वकीलों को अभी आरोप पत्र मिला नहीं है। इसका अध्ययन करने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
वहीं, सरकार की तरफ से पहलवानों की मांगें माने जाने के दावे पर उन्होंने कहा, अभी मामला खत्म नहीं हुआ है। जब तक बृजभूषण को सजा नहीं हो जाती उनकी लड़ाई जारी रहेगी।