पुलिस रविवार शाम तक वसंत विहार के वसंत अपार्टमेंट में हुए तिहरे हत्याकांड की स्पष्ट वजह पता नहीं कर पाई थी, लेकिन जांच नर्सिंग असिस्टेंट खुशबू नौटियाल के किसी जानकार के आसापास टिकी है। पुलिस का कहना है कि खुशबू के अलावा हत्या की और कोई वजह फिलहाल सामने नहीं आ रही है।
पुलिस उसके उत्तराखंड में रहने वाले परिजनों तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी। इसके अलावा पुलिस नौकरानी बबली और बुजुर्ग दंपती की प्रॉपर्टी को लेकर भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि दंपती अपनी प्रॉपर्टी भतीजी के नाम पर करना चाहते थे, जिसे लेकर विवाद था।
दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी देवेन्द्र आर्या ने बताया कि शक की सुई नर्स खुशबू के इर्द-गिर्द घूम रही है। वारदात के पीछे नर्स का कोई परिचित हो सकता है। बुजुर्ग दंपती सरकारी नौकरी से रिटायर थे। वह दो बैडरूम के कमरे में रहते थे और चलने-फिरने में असमर्थ थे। शशि माथुर तो पलंग पर ही रहती थी।
विष्णु माथुर को ठीक से सुनाई नहीं देता था। दोनों ही बीमार रहते थे। ऐसे में खुशबू का ही कोई जानकार घर में आया होगा और उसी ने गेट खोला होगा। करीब छह महीने पहले एक प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए खुशबू को बुजुर्ग दंपती की देखभाल के लिए रखा गया था।
घर का सामान तो बिखरा हुआ था। आलमारियां खुली हुई थीं। इसके बावजूद पुलिस लूट की बात से इंकार कर रही है। पुलिस दंपती व खुशबू के मोबाइल की कॉल डिटेल को खंगाल रही थी।
पुलिस को मौके से नहीं मिला हथियार
दंपती व उनकी नर्सिंग असिस्टेंट की हत्या धारदार हथियार से गला रेतकर की गई है। हालांकि पुलिस को मौके से कोई हथियार या चाकू नहीं मिला है। आरोपी हत्याकांड को अंजाम देने के बाद हथियार अपने साथ ही ले गए।
सीनियर सिटीजन्स के खिलाफ अपराध में कमी आई
वसंत विहार में तिहरे हत्याकांड के बाद दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि दिल्ली में सीनियर सिटीजंस के खिलाफ अपराधों में काफी कमी आई है। दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जनसंपर्क अधिकारी अनिल मित्तल ने बताया कि वर्ष 2018 में 31 मई तक सीनियर सिटीजंस के खिलाफ 27 वारदात हुई थीं। वहीं वर्ष 2019 में 31 मई तक21 वारदात हुई है। वर्ष 2017 में 31 मई तक 31 वारदात हुई थीं।