जानकारी के अनुसार गृह मंत्रालय ने दिल्ली सरकार को होम आइसोलेशन की सुविधा समाप्त करते हुए तय आइसोलेशन स्थानों पर मरीजों को रखने के लिए कहा है। साथ ही कहा है कि अगर कोई मरीज पॉजिटिव आता है तो उसे कम से कम पांच दिन आइसोलेशन में रखा जाता सकता है।
दिल्ली सरकार की होम आइसोलेशन नीति के अनुसार कोरोना के जिन मरीजों में लक्षण नहीं होते हैं या कम लक्षण होते हैं, उन्हें अस्पताल में नहीं जाना पड़ता बल्कि उनका इलाज घर पर ही होता है। हालांकि इसकी अभी आधकिरिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना है कि होम आइसोलेशन का मॉडल सबसे बेहतर है।
अगर इसे हटा दिया जाएगा तो दिल्ली में मरीजों के लिए फिर बिस्तरों की मारामारी शुरू हो जाएगी। बीते बृहस्पतिवार को जारी दिल्ली हेल्थ बुलेटिन के अनुसार राजधानी में अब तक 49,979 संक्रमित मरीज मिल चुके हैं।
दिल्ली सरकार ने आखिरी बार 17 जून के बुलेटिन में होम आइसोलेशन में मौजूद मरीजों की संख्या 25,020 बताई थी। जानकारी के अनुसार डीडीएमए की बैठक में गृह मंत्रालय के इन निर्देशों पर चर्चा हो सकती है जिसके बाद ही होम आइसोलेशन के भविष्य पर फैसला हो सकेगा।