- दिल्ली में 1720 ई. में 6.5 तीव्रता का भूकंप आया
- मथुरा में 1803 ई. में 6.8 तीव्रता का भूकंप आया
- मथुरा में ही 1842 ई. में 5.5 तीव्रता का भूकंपा आया
- बुलंदशहर में 1956 ई. में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया
- फरीदाबाद में 1960 में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया
- मुरादाबाद में 1966 में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया
इस क्षेत्र में क्यों आते हैं भूकंप
भारतीय प्लेट के उत्तर दिशा में बढ़ने और फाल्ट या कमजोर जोन के जरिये यूरेशियन प्लेट के साथ रगड़ने से ऊर्जा जारी होती है। जिससे झटके लगते हैं।
दिल्ली एनसीआर में कई कमजोर जोन तथा फाल्ट हैं। दिल्ली-हरिद्वार रिज, महेंद्रगढ़-देहरादून फाल्ट, मुरादाबाद, सोहना फाल्ट। दिल्ली-सरगोधा रिज। दिल्ली एनसीआर हिमालय क्षेत्र के करीब है, इसलिए भी यहां भूकंप का खतरा है।
कम आते हैं बड़े भूकंप
- 1905 कांगड़ा 7.8 तीव्रता
- 1934 बिहार 8.0
- 1950 असम 8.6
- 2005 मुजफ्फराबाद 6.7
- 2015 नेपाल 7.8
बचाव के तरीके
- जापान जैसे देशों ने साबित किया कि तैयारी हो तो भूकंप से नुकसान को कम किया जा सकता है। माक ड्रिल जरूरी है।
- आपातकालीन नंबर मोबाइल में सेव करें।
- बैकअप सप्लाई किट तैयार करें जिसमें बिस्कुट, पानी, दवाएं आदि हों।
- भूकंप के दौरान शांत रहें। धरती का हिलना एक मिनट से भी कम के लिए होता है।
- अंदर रहें। किसी मजबूत फर्नीचर जैसे मेज के नीचे रहें।
- खिड़कियों तथा शीशों से दूर रहें।
- बाहर हैं तो बिजली की लाइन से दूर रहें।