सूरजकुंड मेला परिसर में झारखंड पर्यटन विभाग के अधिकारी मेले के बारे में जानकारी लेते हुए।
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31वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की तैयारियां को लेकर सोमवार को मेले में थीम स्टेट के रूप में अपनी संस्कृति से रूबरू कराने वाले झारखंड टूरिज्म के अधिकारियों ने दौरा किया। झारखंड टूरिज्म के डायरेक्टर डॉ. वाघमरे प्रसाद ने कहा कि नोटबंदी के बाद कैशलेस को बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म विभाग ने अपने सभी कलाकारों को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है। मेले में आने वाले क्राफ्टमैन के पास कैशलेस की भी सुविधा होगी।
इस बार थीम स्टेट झारखंड के कलाकार वहां की संस्कृति से रूबरू कराएंगे। वहीं, झारखंड के 10 से ज्यादा व्यंजनों का पर्यटक स्वाद चखेंगे। 1 से 15 फरवरी के बीच लगने वाले अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में थीम स्टेट का चयन किया जाता है। जिसमें थीम स्टेट को अपने यहां की संस्कृति, रहन सहन, खान-पान आदि को मेले में दर्शाना होता है। इस बार 31वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में थीम स्टेट झारखंड है।
सोमवार को झारखंड टूरिज्म के डायरेक्टर डॉ. वाघमरे प्रसाद कृष्णा व ज्वाइंट डायरेक्टर राजीव रंजन ने अपनी टीम के साथ मेला परिसर का दौरा किया। झारखंड पहली बार मेले का थीम स्टेट बना है। झारखंड के टसर सिल्क, टोकरा आर्ट को प्रदर्शित किया जाएगा। लोकनृत्य के रूप में छाउ नृत्य मेले की चौपाल पर देखने को मिलेगा। इसके अलावा 32 तरह की जनजातियां यहां अपनी कला को दिखाएंगी। फूड कोर्ट में इस बार खस्सी मीट भी खाने को मिलेगा। इस दौरान पर्यटन विभाग के जीएम दिलावर सिंह और सूरजकुंड मेला इंचार्ज राजेश जून भी मौजूद थे।