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इंटरनेट के दौर में इस दुनिया को देख चौंक सकते हैं आप!

Thu, 05 Feb 2015 07:15 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, फरीदाबाद
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कला और कलाकार की सोच की कोई सीमा नहीं होती। जहां तक जाए उतनी ही कम होती प्रतीत होती है। ऐसे ही नायाब नमूने आपको शिल्प मेले में दिखाई देंगे।
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स्टाल नंबर 412 के संचालक अमल बंगाल के दीघावीज के रहने वाले हैं। शीप से तैयार चीजें बनाने का उनका पुश्तैनी काम है। वे शीप में इंजेक्शन देते हैं और कुछ दिन के बाद मोती तैयार हो जाते हैं।

उन्होंने इससे ईयररिंग, नेकलेस, चम्मच, बाउल, शॉप डिश, पोस्टर, टिशू बॉक्स, चूड़ियां, ब्रेसलेट और विभिन्न प्रकार की ज्वेलरी तैयार की है।

उनके इस स्टाल में 100 से लेकर 15 हजार रुपये तक की वस्तुओं को दर्शाया गया है। इसके लिए उन्हें स्टेट अवार्ड मिला है।

दूधी की लकड़ी के बनते हैं खिलौने
इंटरनेट की इस दुनिया में लकड़ी से तैयार खिलौने दूर हो गए। लेकिन मेले में इसका इंतजाम है। बंगलूरू से आई लक्ष्मी ने बताया कि इन खिलौनों को तैयार करने में दूधी की लकड़ी का प्रयोग किया गया। एक टन लकड़ी चार हजार रुपये में आती है। इससे रंग-बिरंगी चूड़ियां, ट्रेन, एरोप्लेन, किचन सेट, गिनती सेट, बैलगाड़ी, इंजन, रोटेट वाल, कार, घोड़ा, खरगोश, बैल, सिटी, शार्पनर, अगरबत्ती स्टैंड, झूमर और भगवान की प्रतिमाएं बनाई गई हैं।
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काइट कटिंग में सेठी और शिवम प्रथम
सूरजकुंड। मेले में बृहस्पतिवार को काइट कटिंग जूनियर व सीनियर प्रतियोगिता आयोजित की गई। काइट कटिंग जूनियर में लड़कों के वर्ग में प्रथम पुरस्कार होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल के विशेष सेठी और शिवम गुप्ता, द्वितीय पुरस्कार जीवीएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के राहुल और निशान और तृतीय पुरस्कार लिंगाया पब्लिक स्कूल के कपित और हिमांशु को मिला। लड़कियों की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की वबिता और सरोज, द्वितीय पुरस्कार राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की संजू और सोनम और तृतीय पुरस्कार राजकीय कन्या मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की सविता और पिंकी ने प्राप्त किया।
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